संवाददाता : सैयद समीर हुसैन
ठाणे मुंब्रा में कॉर्पोरेशन चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज़ हो गया है। इसी कड़ी में मुंब्रा भी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। यहां सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियां पूरी ताक़त के साथ मैदान में उतर चुकी हैं और मतदाताओं को लुभाने के लिए जोर आज़माइश जारी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बीते 15–20 वर्षों से नगरसेवक चुनकर आने के बावजूद मुंब्रा का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। पानी, सड़क, गटर, ट्रैफिक, शिक्षा और गार्डन जैसी बुनियादी सुविधाएं आज भी अधूरी हैं। जनता के मुताबिक़, विकास से ज़्यादा नेताओं का निजी विकास देखने को मिला है,नाज़ गोलंदाज़ इसी चुनावी माहौल में एक नया नाम तेजी से उभर कर सामने आया है—समाजसेवी महिला नाज़ गोलंदाज़। उन्होंने मुंब्रा के वार्ड नंबर 32 से अपनी उम्मीदवारी दर्ज कराई है। नाज़ गोलंदाज़ न सिर्फ़ अपने वार्ड बल्कि मुंब्रा के विभिन्न इलाकों की महिलाओं की मदद सुकून महिला सामाजिक संस्था के माध्यम से करती रही हैं। घरेलू समस्याएं हों या महिलाओं की बुनियादी ज़रूरतें—हर मोर्चे पर उनकी सक्रिय भूमिका रही है। 08/01/2026 को नाज़ गोलंदाज़ ने अपने चुनाव चिन्ह “छतरी” के साथ अमृत नगर स्थित अपने कार्यालय से रैली निकाली। यह रैली शिवाजी नगर तक पहुंची, जहां उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर समर्थन और वोट की अपील की। पत्रकारों से बात करते हुए नाज़ गोलंदाज़ ने कहा कि वार्ड नंबर 32 में पूर्व नगरसेवक ने विकास के नाम पर जनता को गुमराह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि “अमृत नगर का विकास कम और अपने बंगले ज़्यादा बनाए गए। अगर जनता ने मुझे मौका दिया, तो मैं ठाणे महानगरपालिका से वे सभी काम करवाऊंगी, जो आज तक नहीं हुए।” मुंब्रा में यह चुनाव अब केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा बनाम पारंपरिक राजनीति की लड़ाई बनता जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि जनता बदलाव के इस संदेश को कितना समर्थन देती है।
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