जिले के मनावर में शुक्रवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 12वीं कक्षा की छात्रा ने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें छात्रा ने तीन शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतका की पहचान 17 वर्षीय पार्वती वर्मा के रूप में हुई है। सुसाइड नोट में उसने शिक्षिकाएं सारिका ठाकुर, लक्ष्मी मंडलोई और आरती चौहान के नाम लिखते हुए कहा कि वे लंबे समय से उसे परेशान कर रही थीं। सुसाइड नोट में पार्वती ने लिखा है कि अब वह इस मानसिक दबाव को और सहन नहीं कर सकती, इसलिए आत्महत्या कर रही है।
परिजनों ने बताया की तीनों शिक्षिकाएं बेटी से नफरत करती थीं और लगातार अपमानजनक बातें कहती थीं। परिवार का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि पार्वती इतनी गहरी मानसिक दबाव में है। घटना के वक्त घर में वह अकेली थी पिता बाजार गए थे, मां राखी के लिए मायके गई थीं और बड़ी बहन नौकरी पर थी।
घटना से गुस्साए परिजनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भारी बारिश के बीच छात्रा का शव सड़क पर रखकर मनावर-खलघाट मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षिकाओं के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे बीआरसी किशोर बागेश्वर और पुलिस अधिकारियों ने समझाइश दी। एसडीएम मनावर प्रमोद सिंह गुर्जर ने परिजनों को आश्वासन दिया कि आरोपी शिक्षिकाओं के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के लगभग डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त हुआ।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का है। सुसाइड नोट में दर्ज आरोपों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि किन परिस्थितियों ने छात्रा को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
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