उपशीर्षक: शाही मस्जिद की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ चयन, जिम्मेदारियों का हुआ बंटवारा; शादी-ब्याह में डीजे पर रोक की अपील
फतेहपुर | जनपद फतेहपुर में बीते दो दिनों से काज़ी-ए-शहर के चयन को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच आखिरकार सर्वसम्मति से मुफ्ती मोहम्मद शहाबुद्दीन मिस्बाही के नाम पर मुहर लग गई। वहीं हाफिज़ मोहम्मद अकील को नायब काज़ी-ए-शहर चुना गया है। रविवार 5 अप्रैल को शाही मस्जिद, ज्वालागंज में नमाज़-ए-जुहर के बाद आयोजित एक गरिमामयी बैठक में शहर के उलेमा, इमाम, हाफिज़, अधिवक्ता, दानिशवरों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में ‘इत्तेफाक-ए-राय’ से यह निर्णय लिया गया। बैठक की सरपरस्ती करते हुए कानपुर से आए मौलाना हाशिम मियां अशरफी ने दोनों नामों की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह चयन समाज में एकता, भाईचारा और सही धार्मिक मार्गदर्शन को मजबूती देगा। घोषणा के बाद दोनों नव-नियुक्त पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया और उपस्थित लोगों ने उन्हें मुबारकबाद दी। साथ ही समाज में अमन, इंसाफ और संगठन को मजबूत करने की उम्मीद जताई गई। बैठक में जिम्मेदारियों का भी बंटवारा किया गया, जिसके तहत काज़ी-ए-शहर मुफ्ती शहाबुद्दीन मिस्बाही शरई (धार्मिक) मामलों की देखरेख करेंगे, जबकि नायब काज़ी हाफिज़ मोहम्मद अकील प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इससे एक दिन पूर्व 4 अप्रैल को मोहल्ला आबूनगर स्थित आवास पर आयोजित स्वागत समारोह में भी शहर के उलेमा, पत्रकारों और गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वक्ताओं ने कहा कि काज़ी-ए-शहर का पद केवल धार्मिक रस्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में अमन, भाईचारा कायम रखना, आपसी विवादों को सुलझाना, युवाओं को सही दिशा देना और शिक्षा को बढ़ावा देना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इस दौरान मोहम्मद शाहिदीन इस्माइल ने समाज से अपील की कि शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में डीजे का प्रयोग न किया जाए, जिससे सादगी, शालीनता और धार्मिक मूल्यों को बढ़ावा मिल सके। कार्यक्रम में मौलाना उबैदुर रहमान, मौलाना मसूद अहमद मिस्बाही, मौलाना गुफरान अहमद मिस्बाही, मौलाना शफीक, हाफिज़ अनवार, हाफिज़ रुकुन, हाफिज़ शाहिद, हाफिज़ अब्दुल सलाम, हाफिज़ तौफीक, ज़िया अनवर, हाजी फरीद अहमद, हाजी रईस राइन, इस्माइल खान, कासिम अली एडवोकेट, मोहम्मद आसिफ एडवोकेट, शुऐब खान एडवोकेट, हाफिज़ इरफान, हाफिज़ शाकिर, हाफिज़ तहव्वुर रज़ा, महमूद उल हसन कादरी, नौशाद फतेहपुरी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि मुफ्ती मोहम्मद शहाबुद्दीन मिस्बाही के नेतृत्व में फतेहपुर का मुस्लिम समाज अधिक संगठित होगा और सामाजिक व धार्मिक मामलों में नई दिशा प्राप्त करेगा।
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