नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के एक कोर्ट रूम में एक चश्मदीद ने ऐसा बयान दिया जिसने सबके रोंगटे खड़े कर दिए। चश्मदीद ने उस डरावने पलों के बारे में बताया जब 8 साल पहले एक पत्रकार की कथित तौर पर हत्या करके उसे चुपके से सड़क के नीचे दफना दिया गया। कोरबा शहर की एक पत्रकार सलमा सुल्ताना की 2018 में हत्या कर दी गई थी और उनकी बॉडी को एक बन रही नई सड़क के नीचे दबा दिया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि केस ने अब एक परेशान करने वाला मोड़ ले लिया है, जिसमें गवाही से पता चलता है कि कथित अपराध के तुरंत बाद आरोपी का हैरान करने वाला व्यवहार था। कोमल सिंह राजपूत आरोपी मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर के तौर पर काम करती थी। एडिशनल सेशंस जज गरिमा शर्मा की अदालत में पेश हुई चश्मदीद कोमल सिंह राजपूत ने बताया है कि हत्या के बाद मुख्य आरोपी मधुर साहू के चेहरे पर न तो कोई पछतावा था और न ही कोई डर। उसने अपनी लिव-इन पार्टनर सलमा का गला घोंटने के बाद जो किया, वह उसकी क्रूर मानसिकता को दर्शाता है।
- कोमल ने अदालत में चौंकाने वाली बात यह बताई कि सलमा के मरने के बाद मधुर साहू लाश के पास में खड़ा हो गया। उसने बड़े आराम से एक सिगरेट जलाई और कश लेते हुए सलमा का पसंदीदा गाना ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…’ गीत गुनगुनाने लगा। कोमल ने कोर्ट में कहा कि जब वह बीच-बचाव की कोशिश की, तो उसे धमकी दी गई कि अगर उसने मुंह खोला तो उसका भी वही हाल होगा जो सलमा का हुआ है।
- कोमल सिंह ने बताया कि घटना वाले दिन उन्हें शारदा विहार में सुल्ताना के घर बुलाया गया था। साहू और सुल्ताना के बीच बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। उसके बयान के मुताबिक, साहू ने पहले तीखी बहस के दौरान सुल्ताना का गला घोंटने की कोशिश की। जब झगड़ा बढ़ा, तो उसने कथित तौर पर उसे बिस्तर पर फेंक दिया और फिर से गला घोंट दिया।
- आरोपी के साथी कौशल श्रीवास ने कथित तौर पर सुल्ताना को चुप कराने के लिए उसके मुंह पर तकिया रख दिया। जब कोमल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसने कोर्ट को बताया कि उसे चुप रहने या यही अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। सुल्ताना के मरने के बाद, साहू ने एक हाथ से बॉडी को पकड़े हुए और दूसरे हाथ से सिगरेट पीते हुए, धीरे से उसका पसंदीदा गाना गाया- ‘तुझे नाराज नहीं मैं जिंदगी, परेशान हूं मैं’।
- सिंह ने आगे आरोप लगाया कि हत्या के बाद, साहू ने उसे और घर की नौकरानी सविता को सुल्ताना के फोन से उसके परिवार को यह मैसेज भेजने के लिए मजबूर किया कि वह जा रही है और परेशान न किया जाए। फिर फोन बंद कर दिया गया, जिससे अपनी मर्जी से गायब होने का भ्रम पैदा हुआ।
साहू के पास कई औरतों की आपत्तिजनक तस्वीरें थीं
गवाह ने यह भी दावा किया कि साहू ने अपने कंप्यूटर पर कई औरतों की आपत्तिजनक तस्वीरें स्टोर की थीं और उनका इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए किया था। कोमल ने गवाही दी कि उसने एक पुलिस ऑफिसर और सुल्ताना के एक रिश्तेदार को क्राइम के बारे में बताने की कोशिश की थी, लेकिन बात साहू तक पहुंच गई और उसे चुप रहने के लिए धमकाया गया। जांच करने वालों का कहना है कि आरोपियों ने सुल्ताना की बॉडी को भवानी डाबरी के पास बन रही एक सड़क के नीचे दबा दिया था। पांच साल तक, गाड़ियां उस डामर के रास्ते से गुजरती रहीं, उन्हें पता नहीं था कि नीचे एक पत्रकार की लाश पड़ी है।
केस कैसे खुला?
- यह राज 2023 में तब सामने आया जब पुलिस ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार और सैटेलाइट-बेस्ड मैपिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। सड़क की खुदाई की गई और एक कंकाल मिला।
- DNA टेस्टिंग से कन्फर्म हुआ कि वह सुल्ताना थी। जो केस जो कभी गायब होने का लग रहा था, वह एक बेरहमी से हुई हत्या के तौर पर फिर से खुला।
- सरकारी वकील ने बताया कि 41 गवाह पहले ही कोर्ट में गवाही दे चुके हैं, और 10 और बाकी हैं। इन्वेस्टिगेटर्स का कहना है कि चार्जशीट और फोरेंसिक सबूतों ने प्रॉसिक्यूशन के केस को काफी मजबूत किया है।
News Wani
