गाजीपुर का परचम लहराया, प्रियंका चौधरी 79वीं, साइमा खान ने पाई 135वीं रैंक; गांव में खुशी की लहर UPSC में गाजीपुर का परचम लहराया, प्रियंका चौधरी 79वीं, साइमा खान ने पाई 135वीं रैंक; गांव में खुशी की लहर संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस बार जिले की दो बेटियों और एक युवक ने शानदार रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गाजीपुर की प्रियंका चौधरी ने 79वीं रैंक, साइमा सेराज अहमद खान ने 135वीं रैंक और प्रांजल राय ने 250वीं रैंक प्राप्त की है। इन सफलताओं से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी खुशी का माहौल है और लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।
प्रियंका चौधरी ने पहले प्रयास में पाई 79वीं रैंक: गाजीपुर के जखनियां क्षेत्र के गौरा खास गांव की रहने वाली प्रियंका चौधरी ने संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC) की परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 79वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस सफलता ने पूरे जिले को गौरवान्वित किया है।
प्रियंका की शुरुआती पढ़ाई इंटरमीडिएट तक हिंदी माध्यम से अपने ही क्षेत्र में हुई। इसके बाद उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय ( BHU) से बीएससी, एमएससी और बीएड की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान समय में वह भौतिक विज्ञान विषय से पीएचडी कर रही हैं। प्रियंका के पिता लंबे समय तक जखनियां तहसील में उपजिलाधिकारी के वाहन चालक के रूप में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में सहायक अनुसेवक के पद पर कार्यरत हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद प्रियंका की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
साइमा खान ने दूसरी बार में हासिल की सफलता: गाजीपुर जिले की सेवराई तहसील के उसियों गांव की निवासी साइमा सेराज अहमद खान ने भी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 135वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इससे पहले वर्ष 2023 की यूपीएससी परीक्षा में साइमा ने 165वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उन्हें भारतीय राजस्व सेवा (Indian Revenue Service – IRS) में दक्षिण भारत के एक राज्य में सेवा करने का अवसर मिला था। हालांकि उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (Indian Administrative Service – IAS) बनना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और इस बार 135वीं रैंक हासिल कर अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। उनकी इस सफलता पर उनके पिता सेराज अहमद खान माता आशमा खातून और समाजसेवी इमरान खान सहित परिवार और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और समाज की अन्य लड़कियों को भी साइमा खान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
कोलकाता और मुंबई में हुई प्रारंभिक शिक्षा: साइमा सेराज अहमद खान की प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता में हुई। इसके बाद उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई मुंबई से पूरी की और इंटरमीडिएट की शिक्षा फिर से कोलकाता में प्राप्त की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध सेंट जेवियर्स कॉलेज (St. Xavier’s College Kolkata) से पूरी की। वर्तमान में उनके माता-पिता कोलकाता में रहते हैं। उनके पिता व्यवसाय से जुड़े हुए हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर साइमा ने यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे गांव और जिले में गर्व का माहौल है।
प्रांजल राय ने भी हासिल की 250वीं रैंक: गाजीपुर जिले के नगसर गांव के निवासी प्रांजल राय ने भी संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 250वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। प्रांजल की सफलता से उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गाजीपुर के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है और मेहनत के दम पर वे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों से उभर रही नई प्रतिभाएं: इन सफलताओं ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उचित मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से छोटे गांवों से निकलकर भी युवा देश की सर्वोच्च प्रतियोगी परीक्षाओं में अपना स्थान बना सकते हैं।
प्रियंका चौधरी, साइमा सेराज अहमद खान और प्रांजल राय की उपलब्धि ने गाजीपुर जिले के युवाओं को नई प्रेरणा दी है। उनकी सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लोगों को गर्व महसूस हो रहा है।
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