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“नेशनल हेराल्ड केस पर खड़गे का हमला: बोले— कोर्ट का फैसला मोदी-शाह के मुंह पर तमाचा”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को नेशनल हेराल्ड मामले पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया। खड़गे ने कहा- नेशनल हेराल्ड केस सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। खड़गे ने कहा- नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी, लेकिन ये लोग (भाजपा) CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके कांग्रेस नेताओं को बदनाम कर रहे हैं। खासकर गांधी परिवार को सताया जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा- इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की गई। किसी की शिकायत मात्र से जांच शुरू कर दी। हमारा नारा है, सत्यमेव जयते। कल कोर्ट का फैसला न्याय के हित में आया है। कोर्ट का फैसला PM नरेंद्र मोदी और शाह के मुंह पर थप्पड़ जैसा है। दिल्ली के कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। ED चार्जशीट में कांग्रेस नेताओं पर नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक कंपनी AJL की ₹2,000 करोड़ की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप है।

कोर्ट बोला- ED ने प्रक्रिया उलट दी, पहले जांच, बाद में FIR

  • CBI ने सालों तक FIR दर्ज नहीं की। ED भी लंबे समय ECIR दर्ज करने से बचती रही। फिर ED ने FIR के बिना ECIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
  • ED ने प्रक्रिया उलट दी। पहले मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की और बाद में FIR कराई। PMLA में पहले अपराध की जांच और फिर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच होती है। ED को CBI की तरह इंतजार करना चाहिए था।
  • PMLA विशेष कानून है, इसे सामान्य आपराधिक कानून के प्रावधानों से विस्तारित नहीं कर सकते। ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ तभी लागू होंगे, जब आपराधिक गतिविधि का कानूनी अस्तित्व हो।
  • FIR जांच प्रक्रिया की बुनियाद होती है। निजी शिकायत इस स्तर की जांच का विकल्प नहीं। निजी शिकायतकर्ता ED जैसी एजेंसी के साथ ‘नोडल ऑफिसर’ की तरह समन्वय नहीं कर सकता।

    क्या है नेशनल हेराल्ड केस: BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था। आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया। सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है।

    क्या है नेशनल हेराल्ड केस

    BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने 2012 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दाखिल करते हुए सोनिया, राहुल और कांग्रेस के ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे पर घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और पैसों की हेराफेरी के जरिए हड़पने का आरोप लगाया था।

    आरोप के मुताबिक, कांग्रेसी नेताओं ने नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जे के लिए यंग इंडियन लिमिटेड ऑर्गेनाइजेशन नाम की संस्था बनाई, जिसकी अधिकतर हिस्सेदारी गांधी परिवार के पास है। यंग इंडियन के जरिए नेशनल हेराल्ड का प्रकाशन करने वाली AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया। स्वामी का आरोप था कि ये सब दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस की ₹2000 करोड़ की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया था। आरोप है मुताबिक, ₹2000 करोड़ की कंपनी को केवल ₹50 लाख में खरीदा गया।

    सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया, राहुल समेत केस से जुड़े कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की थी। आरोपियों में से मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की अब मौत हो चुकी है। ED ने इस मामले में दोबारा चार्जशीट दाखिल करने की बात कही है। ED सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट ने यह फैसला तकनीकी आधार पर दिया है। उसने मामले के मैरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में नई FIR दर्ज कर ली है, लेकिन ED भी अपनी जांच जारी रखेगा। दिल्ली पुलिस जैसे ही अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी, ED दोबारा चार्जशीट दाखिल करेगा।

    साल 2022: सोनिया-राहुल से घंटों पूछताछ हुई थी

    नेशनल हेराल्ड मामले में ED ने साल 2022 में राहुल गांधी और सोनिया गांधी को अपने दफ्तर कई बार बुलाकर पूछताछ की है। ED ने 13 जून 2022 से 17 जून 2022 तक राहुल से लगातार 5 दिनों तक, कई चरणों में करीब 50 घंटे पूछताछ की थी। सोनिया गांधी से 21 जुलाई 2022 से पूछताछ शुरू हुई। 3 दिन के दौरा, कई चरणों में 12 घंटे पूछताछ हुई थी। ED ने इस दौरान उनसे 100 से ज्यादा सवाल किए।

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