– वर्ष 2025 में बर्रा थाने पर दर्ज हुआ था धोखाधड़ी, जालसाजी व रंगदारी का मुकदमा
– कानपुर पुलिस से हाथापाई करते अभियुक्त के परिजन।
फतेहपुर। सीजेएम कानपुर की कोर्ट के आदेश पर बर्रा थाना की पुलिस फतेहपुर के अमौली कस्बा निवासी गैंगेस्टर के आरोपी आकांशू दीक्षित उर्फ मोनी को पकड़ने गई थी। मोनी पर नकली शराब बनाने का चांदपुर थाना से गैंगेस्टर हुआ था और कानपुर नगर में दर्ज अभियोग में फरार चल रहा था। जानकारी के अनुसार आकांशू दीक्षित उर्फ मोनी मूल रूप से चांदपुर थाना के अमौली कस्बा निवासी है। इसके ऊपर कानपुर पुलिस कमिशनरेट के बर्रा थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और रंगदारी का मुकदमा अक्टूबर 2025 में दर्ज हुआ। आरोपी युवक के ऊपर अलग-अलग राज्यों और थानों में करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। इनमे से तीन में खुद पुलिस वादी है। आरोपी कानपुर नगर के बर्रा थाना में दर्ज मुकदमा में तीन महीने से फरार चल रहा था। सर्विलांस के जरिए मिली लोकेशन पर कानपुर बर्रा पुलिस दबिश देने अमौली पहुची। यहां आरोपी और उसके परिजनों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की और आरोपी ने एक सिपाही के हाथ मे काट लिया। वीडियो में दबिश देने गई पुलिस टीम को गैंगेस्टर सीपी कानपुर के नाम की धमकी दे रहा है। साफ शब्दों में कह रहा है कि पुलिस कमिश्नर से मिलकर आया है, यानी कि पुलिस कमिश्नर ये गैंगस्टर का मुलाजिम मिलता रहता था और फिर भी ऑनरिकार्ड तीन महीने से फरार था। परिजनों के आरोपी को छुड़ाने के तमाम विरोध, पुलिस से धक्का-मुक्की करने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार कर कानपुर ले गई। थानाध्यक्ष चांदपुर का कहना है कि आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। वह थाना चांदपुर का गैंगेस्टर अभियुक्त है।

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