संवाददाता : सैयद समीर हुसैन
मुंब्रा:रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान एक महान धार्मिक और आध्यात्मिक शख्सियत के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उलेमा-ए-कराम ने तमाम मोमिनीन और मोमिनात से इस साल ईद सादगी के साथ मनाने की अपील की है। उलेमा ने अपने संबोधन में कहा कि इस दुखद घटना ने दुनिया भर के इंसाफ़ पसंद और जागरूक लोगों के दिलों को गहरे दुख से भर दिया है। इसी कारण शिया समुदाय से आग्रह किया गया है कि इस साल ईद के अवसर पर नए कपड़े खरीदने और पहनने से परहेज़ किया जाए। अपील में यह भी कहा गया है कि लोग ईद की खरीदारी के लिए बाज़ारों का रुख न करें और सादगी के साथ इस पर्व को मनाएं, ताकि सामूहिक रूप से शोक और सम्मान व्यक्त किया जा सके। उलेमा के अनुसार, जब पूरा समाज दुख में डूबा हो तो बड़े पैमाने पर जश्न मनाना उचित नहीं माना जाता। इसलिए इस साल ईद को इबादत, दुआ और सब्र के साथ मनाने पर ज़ोर दिया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी खुशियों को सादगी में बदलें और दिवंगत नेता सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई साहेब की याद में दुआ करें तथा उनके लिए ऊँचे दर्जों की कामना करें।
शिया समुदाय की भावनाओं को समझते हुए मौलाना अली अब्बास वफा,मौलाना अकील तूराबी,मौलाना सैयद शबाब हैदर,और मौलाना अली असगर हैदरी साहेब, ने अपने गमों का इज़हार करते हुए खास ताकीद की है के,साथ ही सभी मौलानाओं ने कहा हमारी कौन की मारजाइयत की ताकत दुनिया देखले और जानले,हम अली वाले है सर काटा तो सकते है पर सर झुका नहीं सकते,और ज़ालिम हुकूमतों ने तो हमारे बहुत ही अज़ीम मर्जा,अयातुल्लाह अल उज़मा सैयद अली खामेनेई साहेब को शहीद किया है,ये कोई छोटी बात नहीं है हमारी पूरी कौन के लिए दुख की बात है,इस लिए इस बार काले पुराने कपड़े पहन कर दाहिने हाथ में काली पट्टी बांध कर ईद की नमाज़ पढ़ें,
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