Breaking News

शिवराज सिंह चौहान ने दिया भरोसा ‘‘समझौते से किसानों के हित सुरक्षित’’

भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते (इंटरिम ट्रेड डील फ्रेमवर्क) के बाद केंद्रीय वाणिज्य और
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के हित में बड़ी डील बताया। मैं नफीस जाफरी आपको यह बता दूं कि केंद्रीय
मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका, हमारे पड़ोसी देशों चीन पर 35 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, जबकि भारत पर केवल 18 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा। बहुत से ऐसे आइटम्स भी हैं, जिन पर अमेरिका कोई टैरिफ नहीं लगाएगा। इस समझौते के तहत अमेरिका कुछ भारतीय एक्सपोर्ट-जैसे जेनेरिक दवाएं, रत्नघ्जवाहरात, हीरे और विमान के पार्ट्स-पर यह टैरिफ हटा देगा। तो वहीं दूसरी ओर भारत-अमेरिका समझौते को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष को कठोर शब्दों में घेरा। उन्होंने कहा कि हमारा विपक्ष हाय-तौबा मचा रहा था कि अमेरिका के साथ ऐसा समझौता हो जाएगा जिसमें भारत का किसान तबाह हो जाएगा,बर्बाद हो जाएगा,लुट जाएगा। शिवराज सिंह ने कहा कि ऐसे आरोप लगाए गए कि कहते हुए शर्म आती है। उन्होंने याद दिलाया कि यह वही नरेंद्र मोदी हैं,जिन्होंने कहा था देश नहीं झुकने दूंगा और यह भी कहा था कि चाहे कितनी बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े,किसानों के हितों की रक्षा करेंगे। अभी जो यूएस के साथ समझौता हुआ है,इसके पहले 27 देशों के साथ यूरोपियन यूनियन के और उसके पहले जो हुए हैं, आज के समझौते ने तो बता दिया है कि देश के और किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित रखे गए हैं। किसानों की मुख्य चिंता पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि वह केवल किसानों के पक्ष की चर्चा करेंगे। हमारे प्रमुख अनाज मक्का,बड़ा हल्ला मचाया जा रहा था कि आ जाएगा,बिल्कुल नहीं आएगा। मक्का, गेहूं,चावल,सोयाबीन,पोल्ट्री,दूध,पनीर,इथेनॉल, तंबाकू,कई सब्जियां और उसके अलावा .षि और डेयरी उत्पाद कई तरह के पूरी तरह से सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों पर भारत का बाजार भारत के किसानों के लिए सुरक्षित है। अमेरिका से न तो मक्का आएगा,न गेहूं,न चावल,न सोया,न पोल्ट्री उत्पाद,न दूध,न पनीर,न इथेनॉल,न तंबाकू और न ही कई संवेदनशील सब्जियां। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका से नहीं आएंगे,भारत के हितों का पूरी तरह से संरक्षण किया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस समझौते से देश के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ होगा,विशेष रूप से हमारे निर्यातकों और युवाओं को। उन्होंने कहा कि भारतीय सामानों पर जो परंपरागत शुल्क था,वह घटकर लगभग 18 प्रतिशत हो जाएगा,जिससे टेक्सटाइल, परिधान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर उत्पाद,ऑर्गेनिक केमिकल,होम डेकोर,हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों में विशाल बाजार और अवसर मिलेंगे।उन्होंने बताया कि जेनेरिक दवाओं,रत्नों, हीरों, विमान के पुर्जों और कई तरह के सामान पर शुल्क घटकर शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूती मिलेगी। . संदर्भ में उन्होंने कहा कि बासमती चावल और मसालों को विशेष लाभ होगा। हरियाणा,पश्चिम उत्तर प्रदेश और पंजाब में बासमती उगाने वाले किसानों के लिए 18 प्रतिशत टैरिफ वाले बाजार में नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने उल्लेख किया कि पहले लगभग 63,000 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था,जो इस समझौते से और बढ़ने की संभावना है और टेक्सटाइल निर्यात बढ़ने से कपास उत्पादक किसानों को भी फायदा होगा।

About NW-Editor

Check Also

वेनेजुएला के बाद अब ट्रंप के निशाने पर क्यूबा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *