मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नतीजों के बाद मायानगरी की सियासत में रिसॉर्ट पॉलिटिक्स और कैद जैसे शब्दों की गूंज एक बार फिर सुनाई देने लगी है. संजय राउत ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने पार्षदों को बंधक बनाकर रखा है. लेकिन शिंदे सेना की फायरब्रांड नेता शीतल म्हात्रे और संजय निरुपम ने इस गुब्बारे की हवा निकाल दी है. उन्होंने साफ कर दिया कि यह कैद नहीं बल्कि उन नौसिखिए पार्षदों की पाठशाला है जिन्हें UBT (शिवसेना उद्धव गुट ) के 25 साल के कुशासन के कचरे को साफ करना है. जब मुंबई का बजट देश के कई राज्यों से बड़ा हो तो वहां पार्षदों की ट्रेनिंग जरूरी है.
ट्रिपल इंजन की सरकार: संजय निरुपम ने राउत को महाअल्लड़ बेवकूफ करार देते हुए कहा कि जो लोग 30 साल तक मुंबई को लूटते रहे उन्हें अब जनता ने रिजेक्ट कर दिया है. शिंदे गुट का तर्क सीधा है पहली बार चुनकर आए पार्षदों को नगरपालिका के कामकाज, बजट और विकास की बारीकियां सिखाने के लिए एक जगह बुलाया गया है. खुद सीएम शिंदे उन्हें मार्गदर्शन देने वाले हैं. निरुपम के मुताबिक बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन अटूट है और मुंबई में अब ट्रिपल इंजन की ताकत से विकास का नया अध्याय शुरू होगा. यह ट्रेनिंग कैंप किसी डर की वजह से नहीं बल्कि मुंबई को उबाटा के विनाश से बाहर निकालकर ‘खूबसूरत’ बनाने की एक ईमानदार कोशिश है.
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