मृतका ज्योति के मोबाइल फोन से आखिरी चैटिंग का समय सामने आया। इससे घटना का समय भी स्पष्ट हो गया। डीआईजी के अनुसार, पूछताछ में कमल सिंह ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि छोटी बेटी ज्योति की शादी 10 फरवरी को होनी थी। इसके लिए लड़का पक्ष को चार लाख रुपये देने थे। सोमवार दोपहर वह खाना खाने घर आया था। इस दौरान रुपयों की व्यवस्था न हो पाने पर पत्नी से विवाद हुआ। पत्नी ने काफी कुछ सुनाया और गाली-गलौज की। इस पर आवेश में आकर कमल ने छत पर पड़ी इंटरलॉकिंग ईंट से पहले पत्नी, फिर बेटी और उसके बाद मां के सिर व चेहरे पर ईंट से प्रहार किए। बाद में नीचे आकर पिता पर भी ईंट से हमला कर उनकी हत्या कर दी। गांव नगला प्रेमी में सोमवार दोपहर करीब 2:35 बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक मकान में कई लोगों की हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही पहले एएसपी श्वेताभ पांडेय पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। घर के अंदर भूतल पर गंगा सिंह शाक्य (70) जबकि पहली मंजिल पर उनकी पुत्रवधू रत्ना देवी (40), पौत्री ज्योति (23) के शव पड़े हुए थे।
एटा में चारों शवों का पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों की टीम ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के दौरान की गई क्रूरता सामने आई। सभी के सिर और चेहरे ईंट से बुरी तरह कुचले गए थे। इस वजह से दिमाग की नसें फट गई थीं और चेहरे, गर्दन व सिर की कई हड्डियां टूट गई थीं। पुलिस ने सोमवार की शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम हाउस पर चारों शव को पहुंचाया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद करीब रात 11 बजे पोस्टमार्टम शुरू किए गए। यह प्रक्रिया मंगलवार सुबह 5 बजे तक पूरी हो पाई। इस दौरान श्यामा देवी, रत्ना देवी और ज्योति के शव का पोस्टमार्टम डॉ. राजीव किशोर एवं डॉ. श्वेता राजपूत ने किया।
इसके बाद मंगलवार सुबह रिश्तेदार शव घर पर लेकर पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। रिश्तेदार व कमल सिंह के 12 वर्षीय पुत्र देवांश को साथ लेकर पुलिस की टीमें मालगोदाम रोड स्थित भूतेश्वर श्मशान पर पहुंचीं। सभी शव एंबुलेंस से यहां पहुंचाए गए। चार चिताएं बनाई गई और उन पर सभी शव को रखकर अंत्येष्टि की प्रक्रिया शुरू की गई। देवांश ने सबसे पहले बाबा फिर दादी और और उसके बाद मां व बहन की चिता को मुखाग्नि दी।
इस दौरान देवांश की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। यह देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भी नम हो रही थीं। अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। मौके पर एसएसपी श्याम नारायण सिंह, एएसपी श्वेताभ पांडेय, सीओ सिटी राजेश सिंह, सीओ सदर संकल्पदीप कुशवाहा, सीओ अलीगंज नितीश गर्ग के साथ ही छह थानों का पुलिस भी मौजूद रही। कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, पिलुआ, बागवाला, निधौली कलां, महिला थाना के अलावा कासगंज से सोरों थाना प्रभारी भी पुलिसबल के साथ मौजूद रहे।
वहीं, गंगा सिंह की पत्नी श्यामा देवी (65) गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी भेजा गया, जहां 10 मिनट बाद उनकी भी मौत हो गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए एडीजी आगरा जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, डीआईजी आलीगढ़ रेंज प्रभाकर चौधरी व एसएसपी श्याम नारायण सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पूरी स्थिति साफ हो गई। सनसनीखेज चार हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया है। अब चार विवेचकों की एक विशेष जांच टीम बनाई गई हैं। इसमें एक क्षेत्राधिकारी व तीन अन्य जांच अधिकारी रहेंगे। बड़ी विवेचना है तो गहनता के साथ जांच करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द से जल्द चार्जशीट लगाने का प्रयास रहेगा।-