न्यूज़ वाणी | राशिद हुसैन
उतरौला/बलरामपुर। नवरात्रि और दशहरा पर्व के अवसर पर उतरौला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी हसीब खान ने चिरकुटिया पहुंचकर धार्मिक आयोजन समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों को पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
गंगा-जमुनी तहजीब हमारी पहचान
हसीब खान ने कहा कि भारत की गंगा-जमुनी तहजीब देश की सबसे बड़ी ताकत है। यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर एकता और प्रेम की मिसाल पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जो सत्य, न्याय और सद्भाव के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
सभी धर्मों का सम्मान करना जरूरी
उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारा समाज की असली ताकत है। त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि खुशियां बांटने, आपसी रिश्तों को मजबूत करने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने का अवसर भी हैं। सभी लोगों को एक-दूसरे की आस्था का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर त्योहार मनाना चाहिए।
उतरौला की जनता मेरा परिवार: हसीब खान
हसीब खान ने आयोजन समिति के सदस्यों और क्षेत्रवासियों का आभार जताते हुए कहा कि उतरौला उनकी पहचान है और यहां की जनता उनका परिवार है। क्षेत्र में शांति, प्रेम, सम्मान और भाईचारा कायम रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक तरक्की आपसी एकता, सहयोग और इंसानियत को प्राथमिकता देने से ही संभव है। धर्म और जाति से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करना आज की जरूरत है।
चिरकुटिया में हसीब खान की इस पहल के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और आपसी एकता का संदेश दिया गया। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
संदेश: मोहब्बत का पैगाम, भाईचारे के नाम।
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