मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें भिड़ गईं। टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई। 13 लोगों की जलकर मौत हो गई। 66 लोग घायल हैं। मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि बसों में कटे हुए अंग मिले हैं। पुलिस ने इन्हें 17 पॉलिथीन बैग में भरकर ले गई है। अब डीएनए टेस्ट से इनकी पहचान की जाएगी। हादसा थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 पर हुआ। पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF के 50 जवानों और 9 थानों की पुलिस ने 6 घंटे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। हादसे के चलते एक्सप्रेस-वे पर 3 किमी लंबा जाम लग गया था। हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
ADM प्रशासन अमरेश जांच का नेतृत्व करेंगे। टक्कर के बाद राहगीर ने पुलिस को फोन कर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास ने बताया कि टक्कर के बाद ऐसा लगा जैसे बम फटा हो। लोग बसों के शीशे तोड़कर बाहर कूद रहे थे। थोड़ी देर में बसें जलकर राख हो गईं। 10 मिनट बाद पुलिस पहुंची और रेस्क्यू शुरू हुआ। हमने बस से 8–9 लाशें निकालीं। घायलों को 20 एम्बुलेंस से मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल भेजा गया। इसके बाद गंभीर घायलों को आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बसों से पुलिस ने खरोच-खरोच कर शवों को उठाया।
वहीं, सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया।
कैसे हुआ हादसा: एक्सप्रेस-वे पर घना कोहरा था। माइलस्टोन 127 पर अचानक स्पीलर बस के सामने धुंध आ गई। इसके चलते ड्राइवर ने ब्रेक मारकर स्पीड धीमी की। इसके बाद पीछे चल रही 6 बसें और 4 कारें आकर भिड़ गईं। टक्कर से एसी बस में आग लग गई। लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला।
हादसे की तस्वीरें देखिए…






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