नरसिंहपुर. खाड़ी देशों में युद्ध के चलते देश में गैस की कमी देखने को मिल रही है. गैस संकट के बीच लोगों ने इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल बढ़ा दिया है. वहीं कंपनियां इसके इस्तेमाल को लेकर भी लोगों को सावधान कर रही हैं. इस बीच मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में शहर से लगे खैरीनाका गांव में एक बड़ा हादसा टल गया, जहां आज (मंगलवार) दोपहर खाना बनाते समय घर में रखा एक इंडक्शन चूल्हा अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया. घटना के वक्त किचन में मां और दो बच्चे मौजूद थे लेकिन राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी को भी चोट नहीं आई. बताया जा रहा है कि इंडक्शन चूल्हे पर खिचड़ी बन रही थी और जैसे ही बर्तन उतारने की कोशिश की गई, इंडक्शन का कांच जोरदार धमाके के साथ फटकर बिखर गया.
बताया जा रहा है इंडक्शन करीब 6 महीने पहले ही खरीदा गया था. ऐसा माना जा रहा है कि इंडक्शन के ज्यादा गर्म होने की वजह से यह हादसा हुआ होगा. फिलहाल परिवार सुरक्षित है लेकिन इस घटना ने एक बार फिर घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं. गृहिणी सीमा जाट ने इस बारे में कहा कि गैस सिलेंडर की किल्लत की वजह से वह काफी दिनों से खाना इंडक्शन पर ही बना रही हैं. आज वह खिचड़ी बना रही थीं. कुकर की गैस निकालने के बाद उन्होंने कुकर को खोला. वहीं उसी समय पर इंडक्शन बर्स्ट हो गया. शायद ज्यादा गर्म होने की वजह से फट गया. उस समय किचन में वह और बच्चे थे. गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई.
इस्तेमाल में सावधानी बरतना जरूरी: बताते चलें कि इंडक्शन चूल्हा एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, इसलिए इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतना जरूरी है. कंपनियां भी सलाह देती हैं कि अगर कुछ आसान नियमों का ध्यान रखा जाए, तो इंडक्शन ज्यादा समय तक सही तरीके से काम करता है, इस्तेमाल करना सेफ रहता है और बिजली की खपत भी कम होती है. इंडक्शन चूल्हा सामान्य गैस बर्नर की तरह काम नहीं करता है. यह अलग तकनीक से बर्तन को गर्म करता है, इसलिए इसके बर्तन भी अलग होते हैं. इसी वजह से कंपनियां हमेशा इंडक्शन फ्रेंडली बर्तन उपयोग करने की सलाह देती हैं. ऐसे बर्तन अलग धातु से बने होते हैं, जो इंडक्शन चूल्हे पर आसानी से काम करते हैं.
इस तरह जल सकता है खाना: इंडक्शन बहुत तेजी से गर्म होता है. यही कारण है कि अगर शुरुआत में ही तापमान ज्यादा कर दिया जाए, तो भोजन जल सकता है. कंपनियां सलाह देती हैं कि खाना बनाते समय पहले कम टेंपरेचर रखें और इसे जरूरत के हिसाब से धीरे-धीरे बढ़ाएं. इससे खाना अच्छी तरह से पक जाता है और मशीन पर भी ज्यादा लोड नहीं पड़ता.
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