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वेनेजुएला के बाद अब ट्रंप के निशाने पर क्यूबा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व के साथ समझौते को लेकर बातचीत कर रहा है। मैं नफीस जाफरी आपको यह बता दूं कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा की कमजोर अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाते हुए उसे होने वाली तेल की आपूर्ति को रोकने की धमकी दी थी। लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने
मारघ्एघ्लागो एस्टेट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने क्यूबा को असफल राष्ट्र करार दिया। उन्होंने कहा कि क्यूबा लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अब उसके पास वेनेजुएला का सहारा भी नहीं बचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम
क्यूबा के लोगों और वहां के शीर्ष नेताओं से बात कर रहे हैं, ताकि देखा जा सके कि आगे क्या किया जा सकता है। मुझे लगता है कि हम क्यूबा के साथ कोई समझौता करेंगे। ”डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन क्यूबा के नेतृत्व के साथ समझौता करने के लिए बातचीत कर रहा है।
यह बयान उन्होंने क्यूबा की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को तेल नाकाबंदी की धमकी देने के कुछ दिनों बाद दिया है। यहां यह बताते चलें कि ट्रंप ने विगत तीन जनवरी को वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को गिरतार कर क्यूबा पर दबाव बढ़ा दिया है। मादुरो हवाना के करीबी सहयोगी थे और क्यूबा को तेल निर्यात का एक महत्वपूर्ण स्रोत था। ट्रंप ने लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट में पत्रकारों से कहा, “क्यूबा एक
फेल देश है। यह लंबे समय से ऐसा ही है, लेकिन अब वेनेजुएला का सहारा भी इसके पास नहीं है। इसलिए हम क्यूबा के लोगों से, क्यूबा के शीर्ष अधिकारियों से बात कर रहे हैं, ताकि पता चल सके कि क्या होता है। मुझे लगता है कि हम क्यूबा के साथ एक समझौता करेंगे।” हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि समझौता किस रूप में होगा। तो वहीं दूसरी ओर क्यूबा के विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान की पुष्टि नहीं की, लेकिन इस अवसर का लाभ उठाते हुए एक बार फिर इस बात को खारिज कर दिया कि क्यूबा अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा है। इसमें खास तौर से कहा गया कि क्यूबा में कोई विदेशी सैन्य या खुफिया अड्डा नहीं है, लेकिन साथ ही यह भी कहा गया कि वह अमेरिका के साथ सम्मानजनक और पारस्परिक संवाद बनाए रखने के लिए तैयार है। यहां यह बताते चलें कि बीते दिनों ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी गई थी। अगले दिन, हवाना में गैस स्टेशनों पर क्यूबावासियों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रंप और विदेश मंत्री मार्काे रुबियो
(जो मियामी में जन्मे क्यूबा के निर्वासित माता-पिता के बेटे हैं) ने हवाना में सत्ता परिवर्तन लाने की अपनी इच्छा को कभी नहीं छिपाया है। मादुरो के पतन के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने हवाना को चेतावनी दी कि वे जल्द से जल्द समझौता करें अन्यथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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