राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने शनिवार को अजित पवार प्लेन क्रैश पर फिर सवाल उठाए। उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फेंस में स्क्रीन पर डेटा और फोटो दिखाए। उन्होंने कहा कि ब्लैक बॉक्स को लेकर शक जताया जा रहा था। उनके मुताबिक, दुर्घटना के समय सिर्फ एक धमाका नहीं हुआ था, बल्कि कई धमाके हुए थे। विमान में सामान रखने वाली जगह पर अतिरिक्त पेट्रोल के डिब्बे रखे गए थे, जिससे आग भड़की। सभी पहलुओं की गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर साजिश की बात करें तो यह दो तरह की हो सकती है, राजनीतिक या व्यावसायिक। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में किस तरह की साजिश शामिल है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत हो गई थी। यह प्लेन VSR कंपनी का था।
रोहित बोले- पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह न्याय दिलाएं: रोहित ने आरोप लगाया है कि अजित पवार प्लेन क्रैश के मामले को कुछ लोग कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेटर लिखा है। रोहित ने लिखा- मैं आपको केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध करने के लिए यह पत्र लिख रहा हूं। कंपनी VSR और राम मोहन नायडू की पार्टी के साथ उसके संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
- इन संबंधों की जांच एक स्वतंत्र और ताकतवर अथॉरिटी से करानी चाहिए, संभव हो तो अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से की जांच की जाए। आपने हमेशा अजित दादा और उनके देश के प्रति योगदान का सम्मान किया है। मैं अनुरोध करता हूं कि जांच पूरी होने तक राम मोहन नायडू से उनके पद से इस्तीफा देने के लिए कहा जाए।
- हमारी जांच में यह सामने आया है कि उद्योग और राजनीति से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोग VSR में शामिल हैं। यही कारण है कि हमें लगता है कि यह जांच पारदर्शी तरीके से नहीं हो पाएगी। मैं आपसे निवदेन करता हूं कि यह तय किया जाए कि VSR से संबंधित मामले में DGCA के साथ किसी प्रकार का समझौता या हस्तक्षेप हुआ है या नहीं, इसकी जांच में कोई प्रभाव या बाधा न हो।
- इस मामले में सही न्याय चाहिए तो पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही अजित पवार को न्याय दिला सकते हैं। पीएम देश के नागरिक उड्डयन मंत्री को पद से हटाएं। हादसे में शामिल विमान की कंपनी का सीधा संबंध तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से है।
अजित पवार के 3 बड़े आरोप
- जिस CVR की हम बात कर रहे हैं, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर, उसकी उस उड़ान में रिकॉर्डिंग क्षमता केवल 30 मिनट की थी। लेकिन यदि आप सरकारी नियमों को देखें, तो डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) की आवश्यकता दो घंटे की रिकॉर्डिंग की है। तो अगर विमान का CVR केवल 30 मिनट रिकॉर्ड कर सकता था, जबकि नियम दो घंटे का है, तो उस विमान का पंजीकरण कैसे हुआ? यह बात हम सभी जानना चाहते हैं
- ये 30 मिनट दुर्घटना से पहले के अंतिम 30 मिनट को दर्शाते हैं- यानी आखिरी रिकॉर्ड किया गया हिस्सा। उन अंतिम 30 मिनटों में क्या हुआ, यह केवल CVR के माध्यम से ही जाना जा सकता है। कहा जा रहा है कि वह क्षतिग्रस्त हो गया है, लेकिन हम इस पर विश्वास नहीं करते।
- मुद्दा यह है कि वास्तव में उसमें क्या रिकॉर्ड हुआ था। उस रिकॉर्डिंग से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। ऐसे तथ्य जिन्हें शायद वीएसआर या वीएसआर का समर्थन करने वाले लोग उजागर नहीं होने देना चाहते हैं, जिस VSR कंपनी की तरफ से यह फ्लाइट ऑपरेट की जा रही थी, उसके खिलाफ पहले से ही कई शिकायतें हैं। कंपनी में मैकेनिकल और मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याएं थीं।
News Wani
