राजस्थान के बांसवाड़ा के सल्लोपाट थाना क्षेत्र के तीन मासूम बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई. ये मामला खूंटा गलिया गांव से सामने आया है, जहां बच्चे अपने मामा के घर शादी समारोह में शामिल होने के लिए गए थे. मृतक बच्चों में दो बहनें और एक भाई शामिल है, जो मवेशियों को पानी पिलाने के लिए तालाब पर गए थे. इस दुखद घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है. खूंटा गलिया गांव के रहने वाले सुरमल के घर पर शादी का कार्यक्रम था.
गुरुवार को सुरमल की बहन और जीजा भरत अपने दो बच्चों 4 वर्षीय बेटे युवराज और 6 वर्षीय बेटी जिनल के साथ नजदीकी गांव खूंटी नारजी से मामा के घर आए थे. गुरुवार रात सभी सुरमल के घर पर ही रुके. शुक्रवार की सुबह बहन और जीजा अपने गांव खूंटी नारजी लौट गए, लेकिन युवराज और जिनल अपने मामा के घर खूंटा गलिया में रुक गए. युवराज और जिनल, अपनी 9 वर्षीय ममेरी बहन मीनाक्षी के साथ गांव के तालाब पर मवेशियों को पानी पिलाने गए थे.
बताया जा रहा है कि तालाब पर पानी पिलाते समय अचानक युवराज का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगा. अपने छोटे भाई को डूबता देख बहन जिनल भी उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गई. दोनों को संकट में देख मीनाक्षी ने भी उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए तालाब में छलांग लगा दी. इसके बाद तीनों बच्चे पानी की गहराई की वजह से बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई.
जब काफी देर तक तीनों बच्चे तालाब से वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की. तालाब के पास मवेशी तो चरते हुए मिले, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चला. परिजनों और ग्रामीणों ने बच्चों को तालाब में डूबा हुआ देखा. उन्हें तालाब से बाहर निकाला गया और झालोद स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने तुरंत सल्लोपाट थाने में घटना की जानकारी दी.
पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को सल्लोपाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मृतक बच्चों की पहचान मीनाक्षी, जिनल और युवराज के रूप में हुई है, जो पहली और दूसरी कक्षा में पढ़ते थे.