बहराइच: भारत-नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल की 42वाहिनी एस एस बी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम शिवपुर मोहरनिया के एक व्यापारी ने SSB के अधिकारियों पर व्यक्तिगत खुन्नस निकालते हुए वैध कागजात के बावजूद माल से भरी पिकअप को सीज करने का गंभीर आरोप लगाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवपुर मोहरनिया निवासी पिंटू गुप्ता, जो प्रधान प्रतिनिधि व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि उनके भाई राजेश कुमार गुप्ता की गांव में लाइसेंसशुदा किराना की दुकान है, जहां कई वर्षों से व्यापार किया जा रहा है।

2 अप्रैल 2026 को लखीमपुर खीरी से एक पिकअप वाहन संख्या UP 31T8262के जरिए कोल्डड्रिंक मंगाई गई थी, जिसके सभी वैध दस्तावेज और GST बिल मौजूद थे। बताया गया कि वाहन चालक रास्ता भटककर रुपईडीहा स्थित SSB कैंप के पास पहुंच गया, जहां चेक पोस्ट पर तैनात जवानों ने वाहन को रोक लिया। चालक द्वारा सभी कागजात दिखाए जाने के बावजूद वाहन को कैंप में ले जाया गया और मालिक को बुलाने को कहा गया। सूचना मिलने पर प्रधान प्रतिनिधि पिंटू गुप्ता रात करीब 9:30 बजे SSB कैंप पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां मौजूद इंचार्ज ने कागजात सही पाए और वाहन छोड़ने का आश्वासन दिया,

लेकिन बाद में डिप्टी कमांडेंट दिलीप कुमार से फोन पर बातचीत के बाद अचानक वाहन व माल को सीज करने का आदेश दे दिया गया। पिंटू गुप्ता का आरोप है कि दो दिन पूर्व डिप्टी कमांडेंट द्वारा उनसे अगैय्या स्थित SSB कैंप में लगभग 100 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने का दबाव डाला गया था, जिसकी लागत करीब ढाई लाख रुपये थी। यह कार्य उनके कार्यक्षेत्र में न होने के कारण उन्होंने मना कर दिया था। इसी से नाराज होकर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर SSB नेपाल सीमा पर हो रही तस्करी को रोक पाने में नाकाम दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर वैध कागजात के साथ व्यापार कर रहे स्थानीय व्यापारी के माल को सीज करना न्यायसंगत नहीं है। मामले की शिकायत पिंटू गुप्ता द्वारा गृह मंत्रालय एवं SSB के उच्च अधिकारियों से की गई है। अब देखना होगा कि इस पूरे प्रकरण में विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।
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