इजरायल, US के साथ मिलकर मिडिल ईस्ट में नापाक काम कर रहा है. वह ईरान पर हमला कर रहा है और लेबनान में बेगुनाह लोगों को मार रहा है. नेतयाहू बेगुनाहों के खून का प्यासा हो गया है. उसने गाजा से लेकर ईरान तक के बच्चों का खून पिया है. अब उसने एक और नापाक हरकत किया है. इजरायल ने कब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद में जुमे की नमाज रोक दी है. रमजान के पवित्र महीने में लिए गए इस फ़ैसले से मुस्लिम समुदाय में गुस्सा और चिंता फैल गई है.
इजरायली प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, ईरान हाल के दिनों में इजरायल और आस-पास के इलाकों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है. एहतियात के तौर पर सुरक्षा एजेंसियों ने पुराने शहर में कई धार्मिक जगहों को कुछ समय के लिए बंद करने का फ़ैसला किया है. इज़राइली सिविल प्रशासन ने कहा कि पुराने शहर में वेस्टर्न वॉल, टेंपल माउंट और कई चर्चों सहित बड़ी धार्मिक जगहों पर एंट्री कुछ समय के लिए रोक दी गई है. प्रशासन ने साफ़ किया है कि अगली सूचना तक किसी भी धर्म के तीर्थयात्रियों या टूरिस्ट को इन जगहों पर जाने की इजाज़त नहीं होगी.
क्या है पूरा मामला: दरअसल, पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में हालात बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं. US और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री कार्रवाई शुरू की है, जिससे ईरान को बार-बार मिसाइल और ड्रोन हमले करने पड़े हैं. इन हमलों में अब तक इजरायल में लगभग 9 से 10 लोग मारे गए हैं, जबकि ईरान में US और इजरायली हमलों में 1,200 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है.
इजरायल की हो रही है आलोचना: अल-अक्सा मस्जिद में नमाज़ रोकने पर धार्मिक नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. मस्जिद के सीनियर इमाम एकरिमा साबरी ने इस फ़ैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इज़राइली प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अक्सर मस्जिद को बंद करने की कोशिश करता है. उन्होंने कहा कि यह कदम धार्मिक आज़ादी का उल्लंघन करता है और इसे सही नहीं ठहराया जा सकता. जब से युद्ध शुरू हुआ है, इज़राइल ने पुराने शहर में एंट्री पर भी कड़ी रोक लगा दी है. अभी, सिर्फ़ वहां के लोगों और कुछ दुकानदारों को ही इलाके में आने की इजाजत है. बाहरी लोगों और तीर्थयात्रियों की एंट्री लगभग पूरी तरह से बैन कर दी गई है.
युद्ध से जुड़ा पल-पल का अपडेट यहां पढ़ें.
News Wani
