कानपुर। शहर के चर्चित लैंबॉर्गिनी कांड में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी और तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब बचाव पक्ष की ड्राइवर थ्योरी को कोर्ट और पुलिस दोनों ने खारिज कर दिया। मामला 5 फरवरी दोपहर 3 बजे का है, जब रेव-3 मॉल के पास शिवम मिश्रा की लैंबॉर्गिनी बेकाबू होकर छह लोगों को रौंदती हुई आगे बढ़ गई। कार ने सबसे पहले एक ऑटो को टक्कर मारी, फिर रॉयल इनफील्ड बाइक को रौंदा। बाइक सवार तौफीक अहमद करीब 10 फीट हवा में उछलकर गिर गए और गंभीर चोटें आईं। इस हादसे में कुल छह लोग घायल हुए, जिनमें से कई को गंभीर फ्रैक्चर हैं और वे अस्पताल में भर्ती हैं।
शिवम मिश्रा के पिता केके मिश्रा ने पहले दावा किया था कि घटना वाले दिन लैंबॉर्गिनी उनका ड्राइवर चला रहा था और शिवम बगल की सीट पर बैठे थे। इसके बाद मोहन नामक शख्स सामने आया और खुद को ड्राइवर बताकर सरेंडर करने की कोशिश की। मोहन ने कहा कि हादसे के वक्त स्टीयरिंग उसके हाथ में थी, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी क्योंकि पुलिस जांच में उसका नाम कहीं दर्ज नहीं था। पुलिस ने शिवम मिश्रा को गिरफ्तारी में सहयोग नहीं करने और गिरफ्तारी से बचने के प्रयास के चलते हिरासत में लिया है। अब मामले की आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
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