देश के स्वच्छ शहरों की लिस्ट में टॉप पर रहने वाले इंदौर शहर में लोगों को पीने के लिए साफ पानी भी नहीं मिल पा रहा है. हाल के दिनों में शहर के कुछ इलाकों में दूषित पानी सप्लाई की वजह से 15 लोगों के मौत से पूरे देश में हड़कंप मच गया है. दावा किया जा रहा है 200 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं. मामला सामने आने के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है.मुख्यमंत्री ने नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही साथ पीएचई विभाग के प्रभारी सुपरवाइजिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव को भी निलंबित कर दिया है. सरकार ने इंदौर नगर निगम के कमिश्नर दिलीप कुमार यादव को भी हटाने का आदेश दिया है.सीएम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण हुई घटना में राज्य सरकार लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी. इस संबंध में कठोर निर्णय लिये जा रहे हैं. निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, पीएचई के प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है. इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को भी हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दूषित पानी की समस्या और मौतों को लेकर एक हाई लेवल बैठक बुलाई थी. इस बैठक में सीएम ने पूरे प्रदेश में सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इस मीटिंग में 16 नगर निगमों के महापौर, आयुक्त और कलेक्टर वर्चुअल बैठक में शामिल रहे. मीटिंग में सीएम ने समयबद्ध एक्शन प्लान बनाने के निर्देश भी दिए साथ ही कहा था कि पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इंदौर जैसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए.
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