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फरीदाबाद जेल से बड़ी खबर: 2025 में गिरफ्तार आतंकी रहमान की हत्या

फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की सिर में चोट मारकर हत्या कर दी गई है. हत्या का आरोप जेल में ही बंद अरुण चौधरी नामक कैदी पर लगा है, जिसे कुछ ही समय पहले जम्मू-कश्मीर से नीमका जेल शिफ्ट किया गया था. बताया गया है कि नुकीली चीज से वार किया गया था. पुलिस ने अब्दुल के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जेल सूत्रों के मुताबिक देर रात हत्या की इस घटना को अंजाम दिया गया. 20 साल के आतंकी अब्दुल रहमान को 2 मार्च 2025 को दो हैंड ग्रेनेड के साथ पाली गांव के पास पकड़ा गया था. उसने अयोध्या को दहलाने की साजिश रची थी. अब्दुल रहमान यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला था. रहमान के पास कुछ वीडियो भी मिले थे, जिनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ डिटेल थीं.

गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था. उसके पास 2 हैंड ग्रेनेड भी मिले थे, जिन्हें डिफ्यूज कर दिया गया था. आतंकी अब्दुल रहमान (19) को हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स, फरीदाबाद ने 2 मार्च को गुजरात एटीएस और केंद्रीय एजेंसी आईबी की मदद से पकड़ा था. अब्दुल की गिरफ्तारी के समय जांच एजेंसियों को उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था. जांच में पता चला कि अब्दुल रहमान अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) के कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था. अबू सूफियान ने ही अपना हैंडलर भेजकर बांस रोड स्थित खेत के पास गड्ढा खुदवाकर जमीन में दो हैंड ग्रेनेड के साथ डेटोनेटर भी छिपाए थे. आतंकी अब्दुल रहमान को उसके सोशल मीडिया अकाउंट ने सलाखों के पीछे पहुंचाया था. इसके जरिए ही वह मोस्ट वांटेड आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में आया था.

सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, करीब डेढ़ साल से अब्दुल रहमान सोशल मीडिया अकाउंट पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करता था. सबसे पहले अब्दुल ने टिकटॉक पर अपना अकाउंट बनाकर भड़काऊ वीडियो डालना शुरू किया. टिकटॉक पर बैन लगने के बाद अब्दुल ने इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट बनाया. इंस्टाग्राम पर भी अब्दुल रहमान ने कई भड़काऊ वीडियो और तकरीरें डालनी शुरू कीं, जिसके चलते कई बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने उसके अकाउंट को स्ट्राइक डाउन किया. भड़काऊ वीडियो देखकर अब्दुल आतंकी अबू सूफियान की नजरों में चढ़ा, जिसके बाद अब्दुल रहमान को आईएसकेपी-एक्यूआईएस ने ब्रेनवॉश कर आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग देनी शुरू की. इसके साथ ही बार-बार अकाउंट पर स्ट्राइक आने के बाद अब्दुल जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया था. हरियाणा एसटीएफ, गुजरात एसटीएफ और यूपी एसटीएफ ने अब्दुल को ट्रैक करना शुरू कर दिया. अबू सूफियान ने अपने हैंडलर के जरिए फरीदाबाद में 2 हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर एक गड्ढे में छिपा दिए थे. उसे 4 अप्रैल को अयोध्या जाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन 2 मार्च को ही गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ ने उसे दबोच लिया था.

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