– पीड़ित ने पुलिस पर भी लगाए मारपीट के आरोप
– एसपी को शिकायती पत्र देने जाते पीड़ित।
फतेहपुर। कल्यानपुर थाना क्षेत्र के सिकरोढ़ी गांव में भूमि विवाद ने उग्र रूप धारण कर लिया। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया कि पड़ोसियों ने उनके प्लॉट पर बने भगवान शंकर के मंदिर के नाम पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की, जिसके विरोध में हुई मारपीट में दो लोगों के हाथ में फ्रैक्चर हो गए। पीड़ितों ने पुलिस पर भी पक्षपात और मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित देवेंद्र उर्फ कामता पुत्र देशराज निवासी सिकरोढ़ी ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी जमीन पर प्राचीनकाल से शंकर भगवान का मंदिर बना हुआ है। पड़ोसी रामआसरे पुत्र महराज ने मंदिर के बहाने जबरन कब्जा करने की कोशिश की और उन्हें दीवार बनाने से रोका जा रहा था। 13 मार्च को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच जब देवेंद्र अपनी दीवार का निर्माण कर रहे थे, तभी रामआसरे, उनके पुत्र रोहित, अतुल उर्फ मोहित और छोटू सहित कुछ लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज की और निर्माण कार्य रोकने की कोशिश की। जब देवेंद्र ने विरोध जताया तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया। बीच-बचाव में आए देवेंद्र के भाई शैलेन्द्र को भी बुरी तरह पीटा गया। दोनों भाइयों के हाथ में फ्रैक्चर होने की बात कही गई है, साथ ही पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं। पीड़ितों ने बताया कि घटना की सूचना थाने में देने पर पुलिस ने आरोपियों को बुलाया, लेकिन जांच के बजाय उल्टे देवेंद्र और शैलेन्द्र को थाने में बिठाकर दरोगा अनुज मिश्रा, दरोगा हिमांशू सिंह, सिपाही धनंजय यादव और दो अज्ञात सिपाहियों ने कथित तौर पर बुरी तरह पीटा। पुलिस ने उन्हें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170, 135 और 126 में चालान कर दिया, जबकि उनकी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। देवेंद्र ने बताया कि उन्होंने इस भूमि और मंदिर कब्जे के मुद्दे पर पहले जनसुनवाई में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मांग किया कि रामआसरे, रोहित, अतुल उर्फ मोहित, छोटू तथा नामजद पुलिस कर्मियों के खिलाफ उचित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। साथ ही उनका मेडिकल परीक्षण कराया जाए और उचित कार्रवाई हो।

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