नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर स्थित संविधान सदन में 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं, आर्थिक प्रगति और सामाजिक समावेशन को दुनिया के सामने रखा। पीएम मोदी ने कहा कि, भारत ने अपनी विविधता को लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत बनाया है और आज देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है। पिछले कुछ सालों में 25 करोड़ लोग को गरीबी से बाहर निकले हैं।
संविधान सदन से वैश्विक मंच को संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, संविधान सदन भारत के लोकतांत्रिक सफर का ऐतिहासिक प्रतीक है। आजादी से पहले यहीं संविधान सभा की बैठकें हुईं और आजादी के बाद 75 वर्षों तक यही संसद भवन रहा। इसी स्थान से भारत के भविष्य से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। लोकतंत्र को समर्पित इस भवन को अब ‘संविधान सदन’ नाम दिया गया है।
लोकतंत्र की ताकत बनी विविधता
पीएम मोदी ने कहा कि, आजादी के समय दुनिया को संदेह था कि इतनी विविधता वाला देश लोकतंत्र को संभाल पाएगा या नहीं, लेकिन भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया। उन्होंने कहा कि, लोकतांत्रिक संस्थान और प्रक्रियाएं भारत को स्थिरता, गति और व्यापक स्तर पर विकास की क्षमता देती हैं।
लोक कल्याण ही भारतीय लोकतंत्र का मूल
पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में लोकतंत्र का अर्थ केवल चुनाव नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है। लोक कल्याण की भावना से किए गए प्रयासों के कारण बीते कुछ वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले हैं।
भारत की आर्थिक और तकनीकी उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने भारत की प्रमुख वैश्विक उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि, देश ने हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
भारत की प्रमुख वैश्विक उपलब्धियां
| क्षेत्र | वैश्विक स्थिति |
| आर्थिक वृद्धि | दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था |
| डिजिटल पेमेंट | UPI – दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम |
| वैक्सीन उत्पादन | दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक |
| स्टील उत्पादन | दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक |
| स्टार्टअप इकोसिस्टम | दुनिया में तीसरे स्थान पर |
| एविएशन मार्केट | तीसरा सबसे बड़ा |
| रेल नेटवर्क | चौथा सबसे बड़ा |
| मेट्रो रेल नेटवर्क | तीसरा सबसे बड़ा |
कोविड काल में ‘पहले मानवता’ का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि, कोविड-19 महामारी के कठिन समय में भी भारत ने 150 से अधिक देशों को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराईं। यह भारत की सोच ‘पहले लोग, पहले मानवता’ को दर्शाता है।
महिलाओं की भागीदारी लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ
पीएम मोदी ने कहा कि, भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत महिलाओं की बढ़ती भागीदारी है। भारत की राष्ट्रपति महिला हैं, दिल्ली की मुख्यमंत्री महिला हैं और ग्रामीण व स्थानीय निकायों में करीब 15 लाख निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं, जो लगभग 50% नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करती हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का संबोधन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में लोकतांत्रिक संवाद, सहयोग और साझा मूल्यों को मजबूत करने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि संसद की 70 वर्षों से अधिक की यात्रा में जनकल्याण से जुड़ी नीतियों ने लोकतंत्र को सशक्त बनाया है।
CSPOC की प्रमुख जानकारियां
सम्मेलन अवधि: 14 से 16 जनवरी
भागीदारी: 42 देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स
अध्यक्षता: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
उद्देश्य: संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना और तकनीक, भागीदारी व सुशासन पर चर्चा
सम्मेलन में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
- संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग।
- सोशल मीडिया का सांसदों पर प्रभाव।
- नागरिक भागीदारी बढ़ाने के उपाय।
- सांसदों और कर्मचारियों की सुरक्षा व कार्य स्थितियां।
- लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में स्पीकर्स की भूमिका।
News Wani
