Breaking News

फतेहपुर में आलू किसानों की बढ़ी मुश्किलें, लागत नहीं निकलने से खेती का रकबा घटाने की तैयारी

धाता, फतेहपुर। क्षेत्र में आलू की कीमतों में भारी गिरावट से किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। पिछले सीजन में आलू की खेती करने वाले किसानों को लागत के मुकाबले कम कीमत मिलने के कारण इस बार वे इसकी बुवाई करने से कतरा रहे हैं। फरवरी से मार्च तक आलू का थोक भाव 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल था, जबकि इस समय आलू करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। इससे किसानों के साथ-साथ आलू का कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों के मुताबिक, आलू को खेत से निकालकर कोल्ड स्टोर तक पहुंचाने में करीब 100 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आया था। वहीं, कोल्ड स्टोर में रखने का किराया 130 रुपये प्रति क्विंटल देना पड़ा। इस तरह आलू पर प्रति क्विंटल करीब 930 रुपये की लागत आ गई। छह महीने से अधिक समय तक पूंजी फंसी रहने के बाद भी अब आलू बेचने पर लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। मौजूदा थोक भाव के हिसाब से किसानों को प्रति क्विंटल करीब 430 रुपये का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसमें खेती, जुताई, खाद, बीज और अन्य खर्च शामिल नहीं हैं।
क्षेत्र के किसान रमेश सिंह ने बताया कि उन्होंने दो बीघा में आलू की खेती की थी। भानुप्रताप सिंह ने छह बीघा और रमाशंकर सिंह ने तीन बीघा में आलू बोया था। इन किसानों समेत कई अन्य किसानों का आलू अभी भी कोल्ड स्टोर में रखा हुआ है। उनका कहना है कि आलू खरीदने के लिए कोई खरीदार नहीं मिल रहा है। ऐसे में बाहर की मंडियों में आलू भेजने पर मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा भाड़े और अन्य खर्चों में चला जाएगा। इससे नुकसान और बढ़ने की आशंका है।
किसानों ने बताया कि आलू की कीमतों में गिरावट के कारण इस वर्ष इसकी बुवाई को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, इस बार देर तक बारिश होने से खेतों में नमी और गेहूं की बुवाई के समय को लेकर भी चिंता बनी हुई है। आलू की खेती के बाद गेहूं की फसल लेने वाले किसान खेत खाली होने और समय पर बुवाई करने को लेकर परेशान हैं।
आलू का उचित दाम नहीं मिलने और कोल्ड स्टोर में पुराना आलू फंसा होने के कारण किसान इस बार इसकी खेती का रकबा घटाने पर विचार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि बाजार में उचित कीमत नहीं मिली तो अगली फसल में भी नुकसान का खतरा बना रहेगा।

About NW-Editor

Check Also

खागा के परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर का इंतजार, सर्दी से पहले बच्चों को डेस्क-बेंच मिलने की उम्मीद

खागा, फतेहपुर। परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के दावों के बीच कई …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *