फतेहपुर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह गौतम के नेतृत्व में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में किसानों की आय, फसलों की लागत और प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में गन्ना केवल एक फसल नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवार प्रत्यक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। कृषि मजदूरों, परिवहन, चीनी मिलों, कोल्हू और गुड़ उद्योग सहित लाखों लोगों की आजीविका भी गन्ने पर निर्भर है। वहीं डीजल, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि गन्ने के मूल्य में लागत के अनुरूप वृद्धि नहीं हुई है।
किसान यूनियन ने गन्ने का राज्य परामर्शी मूल्य बढ़ाकर 500 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। साथ ही किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराने की बात कही गई।
ज्ञापन में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान, उड़द, मूंग सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का गांववार सर्वे कराने और प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने आलू कोल्ड स्टोरेज के किराये में राहत देने तथा सरकारी स्तर पर कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा आलू के बीज की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए किसानों को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की मांग की गई।
भारतीय किसान यूनियन ने बटाई पर खेती करने वाले किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। मांग की गई कि ग्राम पंचायत, लेखपाल और कृषि विभाग के संयुक्त सत्यापन से वास्तविक खेती करने वाले किसानों की पहचान की जाए, ताकि उन्हें फसल नुकसान का मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
इसके अलावा किसानों के लिए यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदीप सिंह चौहान, अंकित सिंह, महेंद्र सिंह भदौरिया, छोटे सिंह, सोनू सिंह, उमेश सिंह, अजय सिंह, विकास सिंह, अजय प्रजापति, शिव बदन सिंह, दिनेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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