रेल मंत्रालय ने ट्रेन दुर्घटनाओं को लेकर एक बड़ा दावा किया है. मंत्रालय ने जारी आंकड़े में दावा करते हुए बताया कि पिछले एक दशक में ट्रेन दुर्घटनाओं में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है. एक दशक में ट्रेन दुर्घटनाएं 90 प्रतिशत से कम हुई हैं. देखा जाए तो यह एक भारी गिरावट है जो ट्रेन को यात्रा का सबसे सुरक्षित साधन बनाता है.रेल मंत्रालय के जारी आंकड़े के मुताबिक, 2014-15 में जहां 135 ट्रेन दुर्घटनाएं हुई थीं, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर सिर्फ 31 रह गई. इसके अलावा, 2004 से 2014 के बीच कुल 1711 दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं (औसतन 171 प्रति वर्ष). उसी की तुलना में 2025-26 (नवंबर 2025 तक) में यह आंकड़ा और गिरकर मात्र 11 पर पहुंच गया, जो भारतीय रेल सुरक्षा के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. रेल मंत्रालय का कहना है कि पिछले करीब एक दशक ट्रेन की सुरक्षा को लेकर कई काम हुए हैं. उसी का नतीजा है कि ट्रेन हादसों में बड़ी कमी आई है.रेलवे का दावा है कि कवच तकनीक से दुर्घटनाओं में भारी कमी आई है. रेल मंत्रालय के अनुसार, कवच तकनीक ट्रेनों के ऑटोमैटिक ब्रेकिंग, सिग्नल ओवेरन रोकने और टक्कर रोकने में बेहद कारगर सिद्ध हो रही है. इससे भविष्य में दुर्घटनाओं में और कमी आएगी. अब स्वदेशी Kavach (कवच) सिस्टम का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. कवच को चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि इसके पीछे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बहुत बड़ा रोल है. वह रेल को हाईटेक और सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं. उसी का नतीजा है कि आज ट्रेन दुर्घटनाओं में रिकॉर्ड कमी दर्ज की गई है.रेल मंत्रालय के मुताबिक, Kavach 4.0 स्पेसिफिकेशन को RDSO ने 16 जुलाई 2024 को मंजूरी दी थी. शुरुआती चरण में Kavach 3.2 को दक्षिण मध्य रेलवे की 1465 RKm और उत्तर मध्य रेलवे की 80 RKm पर लगाया गया था. इसके बाद अपग्रेडेड Kavach 4.0 स्पेसिफिकेशन को RDSO ने 16 जुलाई 2024 को मंजूरी दी. लंबी ट्रायल प्रक्रिया के बाद कवच 4.0 को पालवलमथुराकोटानागदा (633 RKm) और हावड़ाबर्द्धमान (105 RKm) सेक्शनों पर सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है. ये दोनों कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्गों का हिस्सा हैं.

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