बरेली में एक प्राइवेट हॉस्पिटल की नर्स की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. नर्स की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. दरअसल, यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि शक, तकरार और टूटते रिश्तों की वो दर्दनाक दास्तां है जिसका अंत अस्पताल के एक छोटे से कमरे में हुआ. पीलीभीत बाईपास स्थित अस्पताल के हॉस्टल में जब 30 वर्षीय प्रियंका की लाश मिली, तो हर कोई दंग रह गया. लेकिन जब पुलिस ने प्रियंका का मोबाइल खोला, तो जो सच सामने आया उसने पत्थर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया.
दोपहर 12 बजे: सन्नाटा और फिर चीख: रविवार की सुबह आम दिनों जैसी ही थी. प्रियंका की रूममेट और सहकर्मी नर्स आस्था सुबह 8 बजे अपनी ड्यूटी पर चली गई थी. प्रियंका बिस्तर पर सो रही थी, क्योंकि उसकी रात की ड्यूटी थी. लेकिन किसे पता था कि चादर ओढ़े सो रही प्रियंका शायद कभी न जागने वाली नींद की आगोश में जा चुकी है. दोपहर करीब 12 बजे जब आस्था वापस कमरे में लौटी, तो उसने प्रियंका को आवाज दी. कोई जवाब नहीं मिला. हिलाने-डुलाने पर भी जब शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो आस्था के पैरों तले जमीन खिसक गई. आनन-फानन में प्रियंका को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अस्पताल परिसर, जहां प्रियंका दूसरों की जान बचाती थी, वहीं आज उसकी अपनी जिंदगी की डोर टूट चुकी थी.
मोबाइल ने उगले मौत के राज, 63 कॉल और 47 मैसेज : बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय और फॉरेंसिक टीम ने जब जांच शुरू की, तो सबसे बड़ा सुराग प्रियंका के मोबाइल फोन में मिला. पुलिस के मुताबिक, शनिवार की पूरी रात प्रियंका ने एक पल के लिए भी पलकें नहीं झपकाईं. वह अपने पति सुनील को मनाने की कोशिश करती रही. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका ने रात भर में पति को 63 व्हाट्सएप कॉल किए, 47 मैसेज भेजे और एक वॉयस नोट भी छोड़ा. हर मैसेज में एक ही बात थी, ‘सॉरी, मुझसे गलती हो गई, मान जाओ.’ लेकिन दूसरी तरफ से पत्थर जैसी खामोशी थी. सुनील ने एक भी कॉल रिसीव नहीं की और आखिरकार तंग आकर प्रियंका का नंबर ब्लॉक कर दिया. पुलिस का मानना है कि नंबर ‘ब्लॉक’ होते ही प्रियंका का दिल टूट गया और उसने अवसाद में आकर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया.
शादी के 12 साल और शक का पहरा: शाहजहांपुर के कुंवरपुर बंजरिया निवासी सुनील और प्रियंका की शादी साल 2014 में हुई थी. दोनों ही मेडिकल पेशे से जुड़े थे. सुनील भी एक दूसरे निजी अस्पताल में काम करता है. लेकिन बीते कुछ समय से उनके रिश्ते में ‘शक’ का जहर घुल गया था. सुनील को प्रियंका के चरित्र पर शक था, जिसके चलते अक्सर मारपीट और झगड़े होते थे. विवाद इतना बढ़ा कि पिछले 6 महीने से दोनों अलग रह रहे थे. प्रियंका ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए एक बुटीक भी खोला था, लेकिन तंगी और मानसिक तनाव ने उसका पीछा नहीं छोड़ा.
साजिश या खुदकुशी? परिजनों के गंभीर आरोप: पुलिस भले ही इसे सुसाइड मान रही हो, लेकिन प्रियंका के मायके वालों के आरोप सुनील की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. परिजनों का कहना है कि सुनील लगातार प्रियंका को प्रताड़ित करता था. वहीं, पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.
बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय का बयान: प्राथमिक जांच में मामला पति-पत्नी के विवाद और खुदकुशी का लग रहा है. सीसीटीवी फुटेज में किसी बाहरी व्यक्ति के कमरे में आने के प्रमाण नहीं मिले हैं. शव पर चोट के कोई निशान नहीं हैं. मौत की असली वजह जहर है या हार्ट अटैक, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच: फिलहाल पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पति सुनील से भी पूछताछ की जा रही है. सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ एक फोन कॉल ब्लॉक होने पर प्रियंका ने जान दे दी, या इसके पीछे लंबे समय से चल रहा कोई गहरा टॉर्चर था?
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