बीकानेर में चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ’ आंदोलन का असर होने लगा है। कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री केके विश्नोई और राज्य जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत बिश्नोई गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अनशन स्थल (बिश्नोई धर्मशाला) पर पहुंचे। इस दौरान लोगों ने खेजड़ी बचाने के समर्थन में नारेबाजी की। दोनों नेताओं को मंच पर स्थान दिया गया है। इस दौरान रामानंद महाराज ने कहा- यदि लिखित आश्वासन मिलता है तो अनशन समाप्त किया जाएगा, नहीं तो धरना जारी रहेगा। उन्होंने गुप्त वार्ता करने से इनकार कर दिया। अनशनकारी पीबीएम हॉस्पिटल रेफर अनशन स्थल पर गोरधन महाराज सभा को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान मंच पर मंत्री केके बिश्नोई और जसवंत सिंह बिश्नोई भी मौजूद थे। इसी दौरान पर्यावरण जीव रक्षा समिति के अध्यक्ष मुखराम धरणीया और एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई। दोनों को तुरंत मंच के पीछे बने अस्थायी हॉस्पिटल ले जाया गया। दोपहर करीब एक बजे मुखराम की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उनको पीबीएम हॉस्पिटल रेफर किया गया।
अनशन स्थल की PHOTOS….


21 अनशनकारियों की तबीयत बिगड़ी बीकानेर में कलेक्ट्रेट के पास पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउंड में 2 फरवरी से अनशन की शुरुआत हुई थी। आज (गुरुवार) चौथे दिन भी अनशन जारी है। 2 फरवरी की रात को ही सभी आंदोलनकारी बिश्नोई धर्मशाला पहुंच गए थे। अब वहीं पर अनशन चल रहा है। बुधवार देर रात 4 अनशनकारियों को अस्थायी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
CMHO पुखराज साध ने बताया- बिश्नोई धर्मशाला में बने अस्थायी हॉस्पिटल में 18 अनशनकारी भर्ती हैं। पीबीएम हॉस्पिटल में 4 अनशनकारी भर्ती किए गए थे, जिनमें से दो को छुट्टी दे दी गई है।
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