भारतीय सेना की ताकत में इज़ाफा: PULS रॉकेट सिस्टम को हरी झंडी, NIBE को ₹293 करोड़ का इमरजेंसी ऑर्डर

भारतीय सेना ने लंबी दूरी तक मार करने वाले आधुनिक रॉकेट सिस्टम PULS (प्रिसाइज़ एंड यूनिवर्सल लॉन्चर सिस्टम) की खरीद के लिए पुणे स्थित नाइब लिमिटेड (NIBE Limited) को करीब ₹292.69 करोड़ का आपातकालीन ठेका दिया है. यह सौदा सेना की इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के तहत किया गया हैइस करार के तहत नाइब लिमिटेड भारतीय सेना को लॉन्चर सिस्टम, ग्राउंड इक्विपमेंट, एक्सेसरीज़, उन्नत प्रोजेक्टाइल और गोला-बारूद की आपूर्ति करेगी. PULS एक आधुनिक रॉकेट आर्टिलरी सिस्टम है, जो 150 किलोमीटर से लेकर 300 किलोमीटर तक की दूरी पर सटीक हमला करने में सक्षम है.

कंपनी को यह सिस्टम 12 महीनों के भीतर चरणबद्ध तरीके से सेना को सौंपना होगा. नाइब लिमिटेड ने इस सौदे की जानकारी बीएसई और एनएसई को दी है. नियमों के अनुसार कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट साइन होने के 30 दिनों के भीतर कुल राशि का 10 प्रतिशत परफॉर्मेंस-कम-वारंटी बैंक गारंटी भी जमा करनी होगी.

इजराइल की कंपनी से साझेदारी

जुलाई 2025 में नाइब लिमिटेड ने इजराइल की एल्बिट सिस्टम्स के साथ समझौता किया था, जिसके तहत PULS रॉकेट सिस्टम का निर्माण भारत में किया जाएगा. इसके शामिल होने के बाद PULS भारतीय सेना का पहला यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम बन जाएगा. इससे पहले, मई 2025 में भी नाइब को एक इजराइल आधारित ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी से ₹150.62 करोड़ का ऑर्डर मिला था.

PULS सिस्टम की खासियत

PULS सिस्टम को 6×6 या 8×8 वाहन चेसिस पर लगाया जा सकता है. यह गाइडेड और अनगाइडेड दोनों तरह के रॉकेट दाग सकता है. यह सिस्टम हर मौसम में काम करने में सक्षम है और शूट एंड स्कूट यानी तेजी से हमला कर तुरंत स्थान बदलने की क्षमता रखता है.

स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बड़ी मजबूती

इसमें पीछे की ओर वाहन पर लगा रिमोट कंट्रोल्ड लॉन्चर होता है. फायरिंग के समय स्थिरता के लिए हाइड्रोलिक स्टेबलाइज़र लगाए जाते हैं. यह एक मॉड्यूलर सिस्टम है, जिसमें 122 मिमी, 160 मिमी और 306 मिमी रॉकेट्स के पॉड लगाए जा सकते हैं. इस सौदे से भारतीय सेना की लंबी दूरी की मारक क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

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