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अवैध कब्जे व भ्रष्टाचार के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

– लेखपाल पर गरीबों की जमीन कब्जाने में मिलीभगत का आरोप, कार्रवाई की मांग
– भ्रष्टाचार के विरोध में कलेक्ट्रेट गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पीड़ित।
फतेहपुर। खागा तहसील में कार्यरत एक लेखपाल पर गरीब, विधवा और अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन पर अवैध कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ितों ने कलेक्ट्रेट गेट के समीप अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि मोटी रकम लेकर उनकी भूमि पर दबंगों का कब्जा कराया गया है और शिकायतों के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। पीड़िता सुनीता देवी पत्नी स्व. रामकेशन, कंधई लाल पुत्र स्व. रामआसरे और पप्पू पुत्र स्व. धनश्याम निवासी टेनी परगना हथगाम तहसील खागा ने बताया कि उनकी घर की भूमि गाटा संख्या 24, खाता संख्या 441 पर कब्जे का विवाद चल रहा है। आरोप है कि उक्त भूमि हाईवे से टेनी मार्ग पर स्थित होने के कारण उस पर कब्जा कराने के लिए लेखपाल ने मदन उर्फ राजकुमार केशरवानी पुत्र राधेश्याम से कथित रूप से पैसा लेकर कब्जा करवा दिया। पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपनी भूमि की नाप कराकर कब्जा दिलाने की मांग की तो लेखपाल ने नाप कराने से ही मना कर दिया। उनका आरोप है कि लेखपाल की मिलीभगत से ही भूमाफिया उनकी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने अपनी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल और एंटी भू-माफिया पोर्टल पर भी दर्ज कराई, लेकिन वहां भी गलत आख्या लगाकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इसके अलावा उन्होंने कई बार एसडीएम और तहसीलदार को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर गरीब, विधवा, विकलांग और अनुसूचित जाति के लोगों को ही न्याय पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा सुनवाई न होने से आहत होकर अब उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों और कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा उनकी भूमि की पैमाइश कराकर उन्हें कब्जा दिलाया जाए।

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