राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े संदिग्ध आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह बांग्लादेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहा था और देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश में था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में युवाओं की भर्ती कर एक संगठित मॉड्यूल तैयार कर रहा था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारों पर काम कर रहा था। यह गिरफ्तारी कई दिनों से चल रही निगरानी और छापेमारी के बाद हुई है। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने 26 मार्च को कश्मीर के गांदरबल, शोपियां और श्रीनगर में लोन से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे नेटवर्क की परतें खुलती गईं। जांच में यह भी सामने आया कि इस मॉड्यूल के तार बांग्लादेश और पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलर्स से जुड़े हुए थे, जो डिजिटल और वित्तीय माध्यमों से निर्देश दे रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां पिछले दो महीनों से लोन की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं।
इस पूरे मामले का खुलासा फरवरी में दिल्ली मेट्रो और कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास लगे देश विरोधी पोस्टरों से हुआ। CISF के जवानों ने पोस्टर देखे और मेट्रो पुलिस को सूचित किया। इसके बाद जांच शुरू हुई और संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कोलकाता से उमर फारूक और रबि-उल-इस्लाम को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश में बैठे शब्बीर अहमद लोन के निर्देश पर काम कर रहे थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कोलकाता और तमिलनाडु में छापेमारी कर एक बांग्लादेशी समेत कुल 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 12 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, तमिलनाडु से गिरफ्तार छह आरोपियों पर विभिन्न शहरों की रेकी करने और आतंकी गतिविधियों में सहयोग का आरोप है। सभी को आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है। शब्बीर अहमद लोन का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसे वर्ष 2007 में भी आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था और वहीं से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी से एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
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