Breaking News
Protesters demonstrate outside of Royal Pines resort as a bus carrying players from the Iranian women's soccer team and staff departs, after five Iranian women soccer players were granted humanitarian visas, on the Gold Coast, Queensland, Australia, March 10, 2026. AAP/Russell Freeman via REUTERS ATTENTION EDITORS - THIS IMAGE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY. NO RESALES. NO ARCHIVE. AUSTRALIA OUT. NEW ZEALAND OUT. NO COMMERCIAL OR EDITORIAL SALES IN NEW ZEALAND. NO COMMERCIAL OR EDITORIAL SALES IN AUSTRALIA.

“मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ा: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाज गुजरने पर रखी नई शर्त”

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का 11वां दिन हैं। इस बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने को लेकर एक नई शर्त रखी है।इजराइली मीडिया वाइनेट की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की सेना इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि कुछ देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने दिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए उन देशों को पहले इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को अपने देश से निकालना होगा। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। हालांकि अमेरिकी चैनल CNN ने कहा है कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर सिक्योरिटी टैक्स यानी सुरक्षा शुल्क लगाने की योजना बना रहा है, खासकर उन जहाजों पर जो अमेरिका के सहयोगी देशों के हैं।

राष्ट्रगान न गाने वाली 5 ईरानी खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी: एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। जिन खिलाड़ियों को वीजा मिला है उनके नाम फतेमेह पसंदिदेह, जहरा घनबारी, जहरा सरबली, अतेफे रमजानजादेह और मोना हमौदी हैं। सरकार ने कहा है कि अगर बाकी खिलाड़ी भी चाहें तो वे भी ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं।  दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था।

इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। रविवार को गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर सैकड़ों लोगों ने टीम के समर्थन में “सेव अवर गर्ल्स” के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षित रखने की मांग की। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी पुष्टि की कि इन पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दे दिया गया है। इस वीजा के तहत वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं, काम कर सकती हैं और पढ़ाई भी कर सकती हैं। इसी मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।

About NW-Editor

Check Also

ईरान का यू-टर्न: पहले माफी, फिर कतर पर हमला; अमेरिका का बड़ा बयान

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *