क्लास 8 की सोशल साइंस की टेक्स्टबुक में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ विवाद पर NCERT बैकफुट पर आ गया है। NCERT ने कहा कि वे ज्यूडिशियरी का बहुत सम्मान करते हैं। किताब में गलती अनजाने में हुई है और चैप्टर में गलत मटेरियल शामिल करने का अफसोस है। NCERT ने 24 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्स्टबुक जारी की थी। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार वाले पाठ पर स्वत: संज्ञान लेकर केस रजिस्टर किया है। यह केस सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को शाम करीब 4.40 बजे रजिस्टर किया गया। इस मामले पर गुरुवार को CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ सुनवाई करेगी।
इससे पहले बुधवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने CJI के सामने यह मामला उठाया था। इसके बाद, मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर कड़ी नाराजगी जताई। CJI ने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नाराजगी जाहिर करते हुए CJI ने कहा था कि संस्था का प्रमुख होने के नाते मैंने हमेशा अपने दायित्व को निभाया है। मैं किसी को इस बात की इजाजत नहीं दूंगा कि वो न्यायपालिका को बदनाम करें। किसी कीमत पर मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा, कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो। कानून अपना काम करेगा। मैं जानता हूं कि इससे कैसे निपटा जाए। मैं स्वत: संज्ञान ले रहा हूं।’ किताब के एक चैप्टर में ‘करप्शन इन द ज्यूडिशियरी’ का टॉपिक जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने किताब की बिक्री पर रोक लगा दी है। साथ ही कहा कि, विवादित चैप्टर को फिर से लिखा जाएगा।
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