ग्रामीण सेवा शिविर में अचानक शिक्षा मंत्री पहुंच गए। तहसीलदार पंचायत भवन में आराम फरमा रहे थे। मंत्रीजी का पारा चढ़ गया। इधर, सवाई माधोपुर के बौंली (सवाई माधोपुर) में बामनवास विधायक साहिबा ने मंच से कह दिया- भगवान राम ने सीता माता का अपहरण किया था। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के एपिसोड में..इंदिरा मीणा कांग्रेस की फायरब्रांड नेता हैं। कभी-कभी उल्टा फायर कर बैठती हैं। बामनवास से विधायक इंदिरा मीणा दशहरा कार्यक्रम में हिस्सा लेने बौंली (सवाई माधोपुर) पहुंचीं थीं।मंच पर लक्ष्मण, सीता और हनुमान के साथ भगवान राम विराजे थे। मैडम ने माइक थाम लिया। सामने भीड़ देख अंदर का नेता जागा। मैडम ने संबोधन शुरू किया।कहा- दशहरे का यह कार्यक्रम क्यों किया जाता है? आप सबको पता है कि माता सीता को भगवान राम अपहरण करके ले गए थे। सभा में सन्नाटा। कोई प्रतिक्रिया नहीं।मैडम का हौसला बढ़ा। आगे कहा- रावण में कई बुराइयां थीं। लेकिन जब पढ़ते हैं तो पता चलता है कि कई अच्छाइयां भी थीं। अच्छाई बाद में दिखती है, बुराई पहले दिखती है।मंच पर राम बनकर बैठा बालक गहराई से कुछ सोचता रहा। फिर न जाने क्या सोचकर सिर झुका लिया।शिक्षा मंत्रीजी ने कोटा के दशहरा मेले का आनंद लिया। झूला झूले। चाट का स्वाद चखा। अधिकारी-कर्मचारी भी निश्चिंत। सोचा भी नहीं था कि सुबह-सुबह मंत्रीजी लाड़पुरा पंचायत के बोरावास ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंच जाएंगे।वहां टेंट लगा हुआ था। कुर्सियां खाली पड़ी थीं। न अफसर, न फरियादी। मंत्रीजी एक कुर्सी पर बैठ गए। अब तक हड़कंप मच गया। पंचायत ऑफिस में आराम फरमा रहे नायब तहसीलदार दौड़ते हुए पहुंचे। मंत्रीजी ने धमकाया- आराम फरमाने आते हो क्या? नायब तहसीलदार ने दलील दी- फरियादी ही नहीं आए। मंत्रीजी फिर भड़के। रजिस्टर मंगाया। लिखा- 10.27 बजे तक कुछ ही कर्मचारी उपस्थित। वो भी कमरे के अंदर बैठे थे।मंत्रीजी ने SDM साहब को फोन लगाया। सीधा सवाल किया- कैंप का टाइम क्या है। जवाब मिला- सुबह 9.30 बजे से शाम 6 बजे। मंत्रीजी बोले- सवा 10 बजे तक यहां कोई जिम्मेदार नहीं। कहकर फोन काट दिया।इस बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने देखा कि टेंट में ग्रामीण सेवा शिविर का पोस्टर तक नहीं लगा है। चुपचाप बैनर उठाकर चिपकाने लगीं।
दीपावली से पहले जोधपुर सरस प्लांट से 10 हजार किलो घी गायब हो गया। ये आरोप दुग्ध सहकारी संघ के चेयरमैन रामलाल विश्नोई ने लगाए। विभाग के सचिव को चिट्ठी भी लिख दी।चेयरमैन साहब का कहना है कि कोर्ट स्टे का फायदा उठाकर वर्तमान प्रबंध संचालक पोस्ट का ‘मिसयूज’ कर रहे हैं। उन पर पहले से 6 गंभीर मामले चल रहे हैं। फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही।चेयरमैन का दावा है कि फिजिकल स्टॉक वेरिफिकेशन की मांग भी ठुकरा दी गई है। घपले की जांच करने आई टीम ने भी औपचारिकता ही निभाई। प्रमुख शासन सचिव को भी चिट्ठी लिख दी।इतना सब कुछ हो जाने के बाद अभी तक चेयरमैन साहब को न तो चिटि्ठयों को जवाब मिल रहा है और न ही गायब हुआ घी।चौंकाने वाली बात ये कि प्रबंध संचालक ने लिखित निर्देश जारी किए हैं। लिखा है- चेयरमैन को डेयरी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं दी जाए। वरना कार्रवाई होगी।एक लोकप्रिय सीरियल में अय्यार कोई भी रूप बदलकर एपिसोड में खलबली मचा देते थे। राजस्थान ATS के जवानों ने भी 2 मास्टरमाइंड को दबोचने के लिए अय्यारी कर दी।जयपुर में कृषि प्रशिक्षु के ऑनलाइन एग्जाम हुए थे। बदमाशों ने कंप्यूटर को रिमोट पर लेकर पेपर हल कर दिया। पुलिस को इस हाईटेक पेपरलीक की भनक लगी तो एटीएस तैयार।6 आरोपियों को दबोच लिया गया। 2 मुख्य सूत्रधार फरार हो गए। दोनों एक से बढ़कर एक तकनीक के जानकार। कंप्यूटर इंजीनियर और मैकेनिकल इंजीनियर के महाज्ञानी।तलाश में पुलिस छापे मार रही थी। इनपुट मिला कि एक बदमाश गुरुग्राम में महिला मित्र के फ्लैट पर है। दूसरा भी उसी के साथ है। एटीएस जवान प्लंबर बनकर पहुंच गए।महिला मित्र ने दरवाजा खोला। प्लंबर ने कहा- मैडम आपके बाथरूम का नल लीक है। नीचे के फ्लैट वालों ने शिकायत दी है। दरवाजा खुलते ही इशारा किया-औजार ले आओ।और फिर औजार लेकर बाकी जवान भी फ्लैट में घुसे। चादर तानकर सो रहे मास्टरमाइंड और उसके साथी को दबोच लिया।
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