राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के मौके पर लोकसभा में 10 घंटे की चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत पीएम नरेंद्र मोदी ने की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के लिए वंदे मातरम के टुकड़े करने और जवाहर लाल नेहरू पर मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेकने की बात कही। पीएम मोदी के हमले पर विपक्ष के दो नेता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मोदी सरकार और बीजेपी पर हमला बोला।
समाजवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी राष्ट्रवादी नहीं, राष्ट्रविवादी पार्टी है। ये लोग हर चीज को हड़पना चाहते हैं। सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम नकली राष्ट्रवादियों के लिए नहीं है। इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी उन स्वतंत्रता सेनानियों को अपना बनाने की कोशिश कर रही है, जिनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं था। अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि वंदे मातरम् देश की एकता की अहम वजह था और इसके प्रसार ने अंग्रेजों को हिलाकर रख दिया और आखिरकार उन्हें इस पर बैन लगाने पर मजबूर होना पड़ा, लेकिन हमारे महान लोग माने नहीं।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिस वंदे मातरम् ने आजादी के समय देश को जोड़ा आज के दरारवादी लोग उसी से देश को तोड़ना चाहते हैं। ऐसे लोगों ने पहले भी देश के साथ दागा किया और आज भी कर रहे हैं। अखिलेश ने कहा कि वंदे मातरम् कोई दिखाया नहीं है, ना ही राजनीति का कोई विषय है, लेकिन इनके भाषणों से लगता है जैसे वंदे मातरम् इन्ही का गीत है। जिन लोगों ने लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा ही नहीं लिया वो वंदे मातरम् का महत्व क्या जानेंगे। उन्होंने कहा कि सरफरोश लोग वंदे मातरम् बोल आजादी की लड़ाई कर रहे थे, और कुछ लोग उनकी अंग्रेजों से मुखबरी।
सत्ता पक्ष वंदे मातरम् का राजनीतिकरण कर रही
अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी पर राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह वंदे मातरम् का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं और यह कांग्रेस पार्टी ही थी जिसने राष्ट्रीय गीत को उसकी सही भावना के साथ बनाए रखा। वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गोगोई ने ‘वोट चोरी’ के आरोप, दिल्ली ब्लास्ट की घटना और रुपये की कीमत में गिरावट का ज़िक्र किया और कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है। बीजेपी सांसदों और जगदंबिका पाल, जो चर्चा की अध्यक्षता कर रहे थे, ने इसका विरोध किया और सांसद से चर्चा के विषय पर ध्यान देने को कहा।
गौरव गोगोई बोले- बंगाल ने सिर्फ राष्ट्रगान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गीत भी दिया
लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा- मैं बंगाल की उस भमि को नमन करता हूं, जहां से बंकीम चंद्र, रवींद्र नाथ टैगोर, खुदीरामबोस सहित कई महापुरुष आए। बंगाल की धरती ने न हमें सिर्फ राष्ट्रगान दिया, बल्कि राष्ट्रीय गीत भी दिया।उन्होंने कहा कि जिन्होंने ऐसी कविताएं रची, ऐसी गीत रचे, जिन शब्दों की प्रेरणाओं के साथ स्वतंत्रता सेनानियों को आजादी की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा मिली। PM मोदी ने वंदे मातरत् के इतिहास की और उसके जन्म की बात की। मंगल पांडे के विद्रोह के बाद अंग्रेजों का जुल्म और बढ़ गया था। उस क्रां की धारा में बंकीम चंद्र भी एक थे। उन्होंने आनंदमठ लिखा। आनंदमठ उस संदर्भ में लिखा गया, जिस समय ईस्ट इंडिया कपंनी उस तरह के टैक्स हमारे किसानों पर लगा रही थी कि जीना मुश्किल हो गया था, लेकिन वंदे मातरम एक गीत था। जो1905 में बना।
गोगोई बोले- मुस्लिम लीग में वंदे मातरम् का विद्रोह था
गोगोई ने कहा- मुस्लिम लीग में वंदे मातरम् का विद्रोह था। उनका कहना था कि पूरे वंदे मातरम् का बहिष्कार करना चाहिए। हमारे नेता मौलाना आजाद साहब ने कहा था कि मुझे वंदे मातरम् पर कोई आपत्ति नहीं है। हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी। कांग्रेस हिंदू महासभा या मुस्लिम लीग से नहीं, वंदे मातरम् के मूल भाग से चलेगी।
गोगोई बोले- केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत में ‘राष्ट्र’ को नहीं समझा
गोगोई ने कहा कि राष्ट्रगीत में जो राष्ट्र है, उसे आपने (केंद्र सरकार) ने कभी नहीं समझा है। आज अगर भारत मजबूत राष्ट्र है, वो इसलिए क्योंकि इसमें बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल, पंजाब, कर्नाटक, नगालैंड सभी राज्यों की राष्ट्रभक्ति समाई हुई है। हमारे देश में धर्म अनेक, भाषा अनेक, पैगंबर एक, लेकिन संविधान का ग्रंथ सिर्फ एक है। आप कहते हैं कि वंदे मातरम नेशनल एंथम बने, लेकिन जब पूरे देश ने जन-गण-मन को राष्ट्रगान का तवज्जो दिया, तो आपके राजनीतिक पूर्वजों ने न तिरंगे को तवज्जो दी, न राष्ट्रगान को तवज्जो दी। आप क्या राष्ट्रभक्ति की बात करते हैं। आज भारत के लोग अनेक समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन उसका सदन में एक बार भी चर्चा नहीं है। दिल्ली में बम विस्फोट हुआ, पीएम मोदी ने एक बार फिर उस पर चर्चा नहीं की।
News Wani
