इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान होने के बाद दुनियाभर ने राहत की सांस ली है. इसका असर मार्केट पर भी देखने को मिल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके बाद कहा कि ईरान शांति चाहता है और उन्होंने जीत का भी दावा किया, ईरान भी जीत का दावा कर रहा है. जंग रुकने के बावजूद भी अमेरिका में प्रदर्शन हो रहा है. अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि ट्रंप सच नहीं बता रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने कहा ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य हैं.
दुनिया के लिए विनाशकारी नीति
साथ ही साथ कहा कि ट्रंप ने ईरान के सामने सरेंडर कर दिया, साथ ही कहा कि ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान को नियंत्रण की सहमति दी है ये दुनिया के लिए विनाशकारी नीति हो सकती है.
ट्रंप को हटाया जाना चाहिए
कुछ लोग व्हाइट हाउस के सामने प्रदर्शन भी कर रहे हैं. ग्वेन मूरे ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को किसी भी तरह से हटाया जाना चाहिए. यह समय भी आ गया है जब ट्रंप की पागलपन भरी नीति को खत्म करने के लिए रिपब्लिकन सांसद को भी डमोक्रेट्स का साथ देना चाहिए.
इजरायल को काबू रखना जरूरी
वहीं नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के पूर्व चीफ ओई केंट ने कहा कि सीजफायर के बाद अब इजरायल को काबू में रखना जरूरी है, ऐसा करने के लिए, US को उन्हें दिए जाने वाले मिलिट्री सपोर्ट के फीचर्स हटाने शुरू कर देने चाहिए. ईरान में इजरायल के मकसद US से अलग हैं. बता दें कि ईरान युद्ध पर प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप से असहमत होने के बाद केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, उन्होंने कहा था कि US के लिए कोई खतरा नहीं है.
व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शन
इसके अलावा व्हाइट हाउस के बाहर भी लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रोटेस्ट कर रहे लोगों में से एक ने कहा कि हम आज रात यहां इसलिए हैं क्योंकि जो हो रहा है, हम उसे बर्दाश्त नहीं कर सकते. हम इलेक्शन तक इंतजार नहीं कर सकते. इस देश में जो हो रहा है, उसे अभी रोकना होगा, जो जुल्म सिर्फ इस देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में इस देश द्वारा हो रहा है, जो वॉर क्राइम इस प्रेसिडेंट ने व्हाइट हाउस से किए हैं, इस आदमी को जाना होगा. पूरे राज को जाना होगा. जब तक वह नहीं जाता, हमें हर दिन इन सड़कों को भरना होगा. हर दिन लोग मर रहे हैं. हर दिन, दुनिया भर में और लोग उसकी वजह से परेशान हो रहे हैं.
अमेरिका ने किया जीत का दावा
सीजफायर के बाद अमेरिका ने इसे अपनी जीत बताया और व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने ट्वीट करते हुए लिखा कि यह यूनाइटेड स्टेट्स के लिए एक जीत है जिसे प्रेसिडेंट ट्रंप और हमारी ज़बरदस्त मिलिट्री ने मुमकिन बनाया. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से ही, प्रेसिडेंट ट्रंप ने अंदाजा लगाया था कि यह 4-6 हफ्ते का ऑपरेशन होगा. हमारे योद्धाओं की जबरदस्त काबिलियत की वजह से, हमने 38 दिनों में अपने मुख्य मिलिट्री मकसद हासिल कर लिए और उनसे भी आगे निकल गए. हमारी मिलिट्री की कामयाबी ने ज्यादा से ज्यादा फायदा दिया, जिससे प्रेसिडेंट ट्रंप और टीम मुश्किल बातचीत में शामिल हो सके, जिससे अब एक डिप्लोमैटिक हल और लंबे समय की शांति का रास्ता खुला है.
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