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वंदे मातरम विवाद के पीछे बंगाल की सियासत? प्रियंका का संसद में प्रहार

​लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा में कांग्रेस की नेता और सांसद प्रियंका गांधी ने भी अपनी बात रखी. प्रियंका ने कहा है कि वंदे मातरम देश के कण-कण में है इस पर चर्चा करने की क्या जरूरत थी. इसके साथ-साथ उन्होंने यह सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वंदे मातरम पर चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. वंदे मातरम का जब नाम लिया जाता है तो हमें पूरे इतिहास की याद आती है.उन्होंने आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब वैसा पीएम नजर नहीं आते हैं जैसा पहले हुआ करते थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाषण तो अच्छा देते हैं, लेकिन तथ्यों के मामले में कमजोर पड़ जाते हैं.मोदी जी जिस तरह तथ्यों को जनता के सामने रखते हैं, ये उनकी कला है. लेकिन मैं तो जनता की प्रतिनिधी हूं- कोई कलाकार नहीं हूं.प्रियंका ने कहा है कि जब हम वंदे मातरम का नाम लेते हैं तो हमें पूरे इतिहास की याद आती है जो स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास था. उसकी पीढ़ा, नैतिकता और ब्रिटिश साम्राज्य का झुकना. वंदे मातरम ने भारत के लोगों को एक राजनीतिक और नैतिक आकांक्षा से जोड़ा. वंदे मातरम में सोए भारत को जगाने का काम किया है. आज की यह बहस कुछ अजीब सी लग रही है. यह गीत 150 सालों से नैतिकता का हिस्सा बन चुका है. आज इस बहस की क्या आवश्यकता है? हमारा यहां मकसद क्या है?प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि वंदे भारत को लेकर आज जो बहस हो रही है उसके पीछे दो वजहें हैं. पहला बंगाल का चुनाव और दूसरी जिन्होंने देश के लिए कुर्बानियां दी उन पर ये सरकार नए-नए आरोप मढ़ना चाहती है. आपका मकसद है कि हम फिर से उसी अतीत में जाए क्योंकि ये सरकार भविष्य की ओर से देखना ही नहीं चाहती है. सच्चाई ये है कि आज प्रधानमंत्री मोदी दी वो पीएम नहीं रहे जो कभी हुआ करते थे. उनकी नीतियां देश को कमजोर कर रही है

कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश के लोग खुश नहीं हैं, परेशान हैं. तमाम समस्याओं से घिरे हुए हैं और उनका हल आप निकाल नहीं रहे हैं. इनके भी अपने लोग दबी जुबान से कहने लगे है कि सत्ता केंद्रित होने से देश को नुकसान हो रहा है. इसलिए आज हम वंदे मातरम पर चर्चा कर रहे हैं. वंदे मातरम देश के कण कण में जीवित है, इस पर बहस नहीं होनी चाहिए.

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सरकार वंदे मातरम के जरिए देश का ध्यान जनता के जरूरी मुद्दों से भटकाना चाहती है. वंदे मातरम पर स्वरूप पर सवाल उठाना उन महापुरुषों का अपमान है जिन्होंने इसे लेकर फैसले लिए. वंदे मातरम को विभाजित करने का आऱोप लगाकर संविधान संभा में शामिल लोगों पर आरोप लगा रहे हैं. जहां तक जवाहर लाल नेहरू जी का बात है तो बता दें कि जितनी देर पीएम मोदी प्रधानमंत्री हैं वो उतने समय तक वो जेल में रहे. इसके बाद 17 साल तक प्रधानमंत्री रहे.

उन्होंने कहा कि अगर नेहरू जी ने इसरो नहीं बनाया होता तो आज आप चांद पर नहीं पहुंचते. अगर उन्होंने गेल, भेल और सेल नहीं बनाया होता तो ये भारत कैसे बनता. पंडित जवाहर लाल नेहरू इस देश के लिए जिए. फिर भी मेरी एक सलाह ले लीजिए.

अगर आपको नेहरू जी पर बहस करनी है तो आप आरोपों की एक पूरी लिस्ट तैयार कर लीजिए. इसके बाद जिस तरह से वंदे मातरम पर आज चर्चा हो रही है उसी तरह से कोई एक समय निर्धारित कर दीजिए. उसके बाद हम उस पर चर्चा करेंगे. आपको जितने भी सवाल तैयार करने कर लीजिए और संसद में चर्चा कर लेते हैं.प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश में इतनी महंगाई है, बेरोजगारी है लेकिन हम उस पर चर्चा क्यों नहीं करते हैं. महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर हम चर्चा नहीं करते हैं. बड़े-बड़े शहरों में प्रदूषण है, लेकिन हम यहां बैठकर छोटी-छोटी बातों पर चर्चा कर रहे हैं. भविष्य पर चर्चा नहीं कर रहे हैं. हिम्मत है तो बात करिए कि देश में इतनी बेरोजगारी क्यों है? सच्चाई ये है कि इनका शासन गबन का शासन है. चुनाव से चुनाव तक राजनीति है. कांग्रेस के हर अधिवेशन में सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाया जाता है. अपने देश की आत्म के इस महामंत्र को विवादित करके आप एक बहुत बड़ा पाप कर रहे हैं. ये राष्ट्रगीत वंदे मातरम हमेशा से हमें प्यारा है और रहेगा

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