नफीस जाफरी
फतेहपुर। बांदा जनपद की मरका खदान खंड संख्या 03 व 04 के संचालकों की कथित मनमानी के सामने फतेहपुर के जिम्मेदार अधिकारी नतमस्तक नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि एसटीएफ की कार्रवाई के बाद भी संबंधित विभागों की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार खनिज विभाग एवं परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा खनन संचालकों को अभयदान दिए जाने की चर्चा है। जीपीएस वीडियो वायरल होने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई तरह के सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि मरका खदान खंड संख्या 03 व 04 पर खनन माफिया का दबदबा कायम है और ओवरलोड ट्रकों का संचालन बेखौफ जारी है। ये ट्रक यमुना नदी के रामनगर कौहन पुल से होते हुए फतेहपुर जिले के असोथर कस्बे के मुराइन डेरा मार्ग से गुजरते हुए प्रताप नगर झाल तिराहे तक बिना रोक-टोक संचालित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के कारण करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कों की हालत तेजी से खराब हो रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि खदान संचालकों का प्रभाव इतना अधिक है कि प्रशासनिक तंत्र भी बेबस नजर आ रहा है। एसटीएफ की कार्रवाई के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता से जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में कब तक सख्त कदम उठाता है या यूं ही स्थिति बनी रहती है।
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