आसमान छूते शेयर; ‘AI बुलबुला’ बन सकता है अगला ब्लास्ट – शेयर बाजार को 4 दिग्गजों की चेतावनी

 

क्या दुनिया के शेयर बाजार में बड़ी तबाही आने वाली है? एक्सपर्ट के मुताबिक हालात ही कुछ ऐसा इशारा कर रहे हैं। यह तबाही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बुलबुला फूटने से आ सकती है। इस बारे में दुनिया के 4 दिग्गजों ने चेतावनी दी है। इन्होंने कहा है कि एआई बुलबुला आने वाले समय में सब कुछ बदल सकता है।

 

दरअसल, दुनिया भर के शेयर बाजारों में एआई को लेकर जो दीवानगी छाई हुई है, वो शायद अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से सब कुछ बदल सकता है। पिछले दो सालों से शेयर बाजार लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे थे, लेकिन अब कई बड़े वित्तीय दिग्गज जैसे गोल्डमैन सैश, जेपी मॉर्गन , अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने चेतावनी दी है। इन्होंने कहा है कि जो एआई क्रांति एक असली तकनीकी बदलाव के तौर पर शुरू हुई थी, वो अब सट्टेबाजी का एक ऐसा खेल बन गई है जो एक बड़े बाजार बुलबुले (Market Bubble) का रूप ले सकती है।

मार्केट में लगी है भारी-भरकम रकम

एआई की वजह से बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है। इस तेजी ने बाजार में एक अभूतपूर्व एकाग्रता पैदा कर दी है। अमेरिका की 5 सबसे बड़ी टेक कंपनियों का कुल मार्केट कैप अब EURO STOXX 50, यूके, भारत, जापान और कनाडा की सभी सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप से भी ज्यादा हो गया है। इतना ही नहीं, अमेरिका के 10 सबसे बड़े शेयर, जिनमें से आठ सीधे तौर पर टेक्नोलॉजी से जुड़े हैं, दुनिया के कुल इक्विटी बाजार मूल्य का लगभग एक चौथाई हिस्सा रखते हैं। यह लगभग 25 ट्रिलियन डॉलर की भारी-भरकम रकम है।

जेपी मॉर्गन ने जताई चिंता

जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमन ने हाल ही में बीबीसी को बताया कि वे इस स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं। अमेरिका के सबसे बड़े बैंक के मुखिया ने चेतावनी दी कि अगले छह महीने से दो साल के अंदर शेयर बाजार में एक बड़ी गिरावट आ सकती है। उन्होंने इसके कई कारण बताए, जैसे कि भू-राजनीतिक माहौल, सरकारी खर्च और दुनिया का फिर से हथियारों की ओर बढ़ना।

गोल्डमैन सैश की चेतावनी

गोल्डमैन सैश के सीईओ डेविड सोलोमन ने भी इसी तरह की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगले एक या दो साल में शेयर बाजारों में गिरावट आनी तय है। उन्होंने बताया कि एआई के जुनून की वजह से शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गए थे। लेकिन अब इनमें गिरावट आ सकती है।

सोलोमन ने 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में इंटरनेट के बड़े पैमाने पर अपनाने का उदाहरण दिया। उस समय कुछ दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां बनीं, लेकिन साथ ही निवेशकों ने अपना बहुत सारा पैसा गंवा दिया, जिसे ‘डॉट-कॉम बबल’ के नाम से जाना जाता है।

आईएमएफ ने कहा- अर्थव्यवस्था रहेगी धीमी

यह चिंता सिर्फ वॉल स्ट्रीट तक ही सीमित नहीं है। आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने वाशिंगटन में होने वाली आईएमएफ की वार्षिक बैठकों से ठीक पहले कहा, ‘तैयार हो जाइए- अनिश्चितता ही नया सामान्य है और यह यहीं रहने वाली है।’ जॉर्जीवा ने बताया कि इस साल और अगले साल दुनिया की अर्थव्यवस्था में थोड़ी धीमी गति की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने बाजार में झटके को लेकर भी बात कही।

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