नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी सांसदों के मार्च और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध से जुड़े मामले में राहुल गांधी समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि कोई भी सुप्रीम कोर्ट को डराने या धमकाने की कोशिश नहीं कर सकता। ऐसी कोशिशों का अदालत पर कोई असर नहीं पड़ता।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा है। याचिका में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने वालों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं और संबंधित पक्ष को इस पर सफाई देनी होगी।
सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी के पहुंचने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के लिए अंतरिम आदेश देने की मांग की। इस दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की का आरोप भी उठाया गया।
इस पर न्यायमूर्ति बागची ने संबंधित कानूनी एजेंसियों को सीसीटीवी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि संबंधित फुटेज और डिजिटल सामग्री जमा कराई जा सकती है, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा सके।
ज्ञापन देने से इनकार के बाद निकाला गया था मार्च
इस मामले की पृष्ठभूमि में विपक्षी सांसदों की ओर से मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की मांग शामिल है। 11 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।
इसके बाद 12 अक्टूबर की शाम राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी सांसदों ने दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। मार्च के बाद विपक्षी सांसद सुप्रीम कोर्ट परिसर के भीतर भी पहुंचे थे। इसी घटनाक्रम को लेकर अब अदालत में याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है।
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। विपक्ष की प्रमुख चिंताओं में मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, चुनावी आंकड़ों की पारदर्शिता तथा संबंधित सॉफ्टवेयर तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल हैं।
रिपोर्टों में चुनाव आयुक्तों की ओर से एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इनमें फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता सूची में संशोधन और चुनावी डेटा के प्रबंधन से जुड़े विषय शामिल हैं।
अब जवाब और साक्ष्यों पर रहेगी नजर
सुप्रीम कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद संबंधित पक्षों को अपना जवाब दाखिल करना होगा। सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश के बीच मामले की आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अदालत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आएगा।
News Wani
