जैसा कि सर्वविदित है कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर की आख़िरकार कांग्रेस आलाकमान से मुलाक़ात हो गई जिसकी मांग वो लंबे समय से कर रहे थे। मै नफीस जाफरी आपको यह बता दूं कि शशि थरूर के साथ राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने करीब दो घंटे तक बातचीत की थी। बैठक को सकारात्मक बताते हुए थरूर ने कहा कि सब कुछ ठीक है और हम सब की सोच एक है। केरल में मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनने की इच्छा का भी उन्होंने खंडन किया। कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में पिछले कुछ समय से जिस बर्फ के जमने की खबरें थीं, वह बीते गुरुवार को पिघलती हुई नजर आईं। दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब सांसद शशि थरूर, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एक मेज पर बैठे। दो घंटे तक चली इस मैराथन बैठक ने न केवल पार्टी के भीतर
ऑल इज वेल का संदेश दिया, बल्कि उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया जो लंबे समय से थरूर और आलाकमान के बीच दूरियों की कहानी बुन रही थीं। वहीं इधर शशि थरूर के बदले हुए सुर और उनकी तारीफ वाले बयानों से यह स्पष्ट संदेश मिल रहा है कि कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान अब खत्म हो चुकी है। जिसके बाद सांसद व पार्टी के नेता शशि थरूर अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रशंसा
करते हुए उन्हें एक ईमानदार व्यक्ति बताया, जो देश में सांप्रदायिकता जैसे विभिन्न मुद्दों पर ‘‘सशक्त आवाज हैं। थरूर ने कहा कि राहुल गांधी को हर कोई पसंद करता है, क्योंकि वह देश में सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लगातार बोलते रहते हैं। तिरुवनंतपुरम के सांसद ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस बारे में मेरी कोई अलग राय नहीं है। थरूर ने यह भी कहा कि उन्होंने राहुल के खिलाफ किसी भी गलत टिप्पणी से कभी सहमति नहीं जताई और कहा, ‘‘वह (राहुल) एक ईमानदार नेता हैं। उनकी यह टिप्पणी अपनी शिकायतों के निवारण के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से हुई मुलाकात के एक दिन बाद आई है। राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई यह लंबी बैठक दरअसल शशि थरूर को मनाने की एक गंभीर कवायद थी। माना जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर हाशिए पर रहने या वैचारिक मतभेदों के कारण उपजी थरूर की नाराजगी को दूर करने के लिए आलाकमान ने खुद पहल की है। दो घंटे तक चले इस संवाद का मुख्य उद्देश्य थरूर जैसे प्रभावशाली चेहरे को फिर से मुख्यधारा में पूरी तरह सक्रिय करना था।

News Wani