– तरावीह में कुरआन मुकम्मल करने वाले हाफिजे कुरआन का इस्तकबाल करते लोग।
फतेहपुर। रमजानुल मुबारक की 26 वीं तारीख को तरावीह में कुरआन पाक मुकम्मल हुआ। दो खुश क़िस्मत हाफ़िज़-ए-कुरआन बच्चों ने कुरआन पाक को तरावीह की नमाज़ में मुकम्मल कराया। एक हाफ़िज़ मुहम्मद याह्या 13 साल पुत्र हाफ़िज़ मोहम्मद इस्माइल सिद्दीकी निवासी खेलदार दूसरे हाफिज मोहम्मद खालिद उर्फ दानिश पुत्र मोहम्मद शमीम निवासी लाला बाजार ने खेलदार मोहल्ले की पीली मस्जिद के मदरसा तहाफिजुल कुरआन में 26 दिन की तरावीह को अपने उस्ताद हाफिज मोहम्मद इस्माईल सिद्दीकी की सरपरस्ती में मुकम्मल किया। इस मौके पर ईदगाह के डॉ. सैयद हबीबुल इस्लाम ने कहा कि यह बहुत खुशी का मौका है कि इन दोनों बच्चों ने कुरआन जैसी अल्लाह की मुकद्दस किताब को तरावीह में मुकम्मल किया। इनके वालिद और वालिदा क़ाबिले मुबारक हैं। उन्होंने फरमाया कि कुरआन पाक सिर्फ तिलावत के लिए नहीं आया है। ये तो गाइडलाइन है जो हम सब को सीधा रास्ता दिखाने वाली किताब है। यह राहे हिदायत है यह अपनी पहली सूरत में ही हमें यह सिखाती है कि अल्लाह पाक हमसे कहलवाते हैं कि ऐ अल्लाह हमें सीधा रास्ता दिखा दे। हम सब को सीधे रास्ते पे चला दीजिए बुराई के रास्ते से बचा लीजिए। उसके बाद मुल्क मिल्लत के लिए उम्मते मुस्लिमा के लिए दुआ कराई। इस रूहानी महफ़िल में शहर के नौजवान हुफ़ाज़ ने और मुआजजिज शख्सियत ने शिरकत किया और दोनों हाफिजे कुरआन को हार फूल देकर दुआओं से नवाजा।

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