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हेमा मालिनी की जिंदगी के अनसुने किस्से: बचपन में झेला रिजेक्शन, एक हादसे में खोए पिता, ऐसे बनीं बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी 16 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मनाती हैं। अपनी खूबसूरती, शानदार अभिनय और शास्त्रीय नृत्य के हुनर से उन्होंने फिल्मी दुनिया में अलग पहचान बनाई। उन्हें आज भी बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से जाना जाता है। हालांकि, उनके लिए सफलता का यह सफर आसान नहीं था। बचपन में फिल्म से बाहर किए जाने से लेकर निजी जीवन के मुश्किल दौर और पिता को खोने के दर्द तक, उनकी जिंदगी में कई ऐसे मोड़ आए, जिन्होंने उन्हें मजबूत बनाया।

मां ने बचपन में ही तय कर दिया था भविष्य

हेमा मालिनी का जन्म 16 अक्टूबर 1948 को तमिलनाडु में हुआ था। उनकी मां जया लक्ष्मी चाहती थीं कि बेटी बड़ी होकर शास्त्रीय नृत्यांगना बने। इसी वजह से बचपन से ही उन्हें नृत्य और संगीत की शिक्षा दिलाई गई। स्कूल से लौटने के बाद उनका अधिकतर समय डांस और संगीत की कक्षाओं में बीतता था।

मां ने हेमा की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। परिवार के दिल्ली आने के बाद भी उनकी नृत्य की ट्रेनिंग जारी रही। बाद में बेहतर प्रशिक्षण के लिए परिवार मद्रास चला गया। धीरे-धीरे हेमा मंच पर कार्यक्रम करने लगीं और यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत का रास्ता खुला।

13 साल की उम्र में मिला पहला बड़ा झटका

हेमा मालिनी को कम उम्र में ही फिल्मों में काम करने का अवसर मिला, लेकिन शुरुआती अनुभव अच्छा नहीं रहा। एक तमिल फिल्म के निर्देशक ने उन्हें पहले फिल्म में लिया, मगर कुछ समय बाद यह कहकर बाहर कर दिया कि वह बहुत दुबली-पतली हैं और हीरोइन नहीं बन सकतीं।

इस घटना से हेमा को निराशा हुई, लेकिन उनकी मां ने उन्हें हिम्मत दी और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। हेमा ने हार नहीं मानी और नृत्य कार्यक्रमों के जरिए अपनी प्रतिभा को निखारती रहीं।

इसके बाद उन्हें फिल्मों में छोटे-छोटे अवसर मिलने लगे। दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में काम करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई।

राज कपूर की नजर ने बदली किस्मत

हेमा मालिनी के करियर को हिंदी सिनेमा में बड़ा मौका फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ से मिला। इस फिल्म में उनके साथ राज कपूर नजर आए। स्क्रीन टेस्ट के दौरान राज कपूर ने उनकी प्रतिभा और व्यक्तित्व को पहचाना और उनके उज्ज्वल भविष्य की संभावना जताई।

फिल्म के प्रचार के दौरान हेमा को ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से पेश किया गया। शुरुआती दौर में फिल्म को बहुत बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन यह नाम उनके साथ जुड़ गया। आगे चलकर उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि ‘ड्रीम गर्ल’ उनकी पहचान बन गया।

‘सीता और गीता’ से मिली बड़ी कामयाबी

हेमा मालिनी के करियर में फिल्म ‘सीता और गीता’ निर्णायक साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने दो अलग-अलग स्वभाव वाली बहनों का किरदार निभाया। उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया और फिल्म ने उन्हें शीर्ष अभिनेत्रियों की कतार में पहुंचा दिया।

इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने ‘शोले’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘क्रांति’, ‘नसीब’ और ‘सत्ते पे सत्ता’ जैसी फिल्मों में काम कर अपनी लोकप्रियता को और मजबूत किया।

धर्मेंद्र के साथ बनी चर्चित जोड़ी

हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और इसी दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं।

हेमा मालिनी के परिवार को इस रिश्ते पर आपत्ति थी, क्योंकि धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे। इसके बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। वर्ष 1980 में हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने शादी की। उनकी दो बेटियां ईशा देओल और अहाना देओल हैं।

एक अनचाहे हादसे में पिता को खो दिया

हेमा मालिनी के जीवन का सबसे दर्दनाक दौर उनके पिता से जुड़ा है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, जुलाई 1978 में एक व्यक्ति हेमा से मिलने की इच्छा लेकर उनके घर पहुंचा था। वह खुद को उनका प्रशंसक बता रहा था और पहले भी घर के आसपास दिखाई दिया था।

अगली रात वह व्यक्ति कथित तौर पर घर में घुस आया और रसोई में काम करने वाली महिला को चाकू की नोक पर डराने लगा। घर के लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की। इसी अफरा-तफरी के दौरान हेमा मालिनी के पिता वीएसआर चक्रवर्ती पुलिस को सूचना देने के लिए आगे बढ़े, लेकिन अचानक गिर पड़े।

डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। इस घटना ने हेमा मालिनी और उनके परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया। पिता को खोने के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और अपने करियर को जारी रखा।

शाहरुख खान को फिल्म में दिया मौका

हेमा मालिनी ने अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण और निर्देशन में भी हाथ आजमाया। उनकी निर्देशित फिल्म ‘दिल आशना है’ से शाहरुख खान को शुरुआती फिल्मी अवसरों में से एक मिला।

बताया जाता है कि हेमा ने शाहरुख को टीवी शो ‘फौजी’ में देखकर पसंद किया था। इसके बाद उन्होंने उन्हें अपनी फिल्म के लिए संपर्क किया। आगे चलकर शाहरुख खान हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में शामिल हुए और कई मौकों पर हेमा मालिनी के योगदान का जिक्र किया।

फिल्मों से राजनीति तक का सफर

हेमा मालिनी ने अभिनय के साथ राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। वर्ष 2004 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। इसके बाद उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं और वह राज्यसभा की सदस्य भी रहीं।

वर्ष 2014 में उन्होंने उत्तर प्रदेश की मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा में प्रवेश किया। इसके बाद 2019 और 2024 के चुनावों में भी उन्होंने मथुरा से जीत दर्ज की।

आज भी कायम है ‘ड्रीम गर्ल’ का जादू

हेमा मालिनी ने शास्त्रीय नृत्य, अभिनय और राजनीति के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। शुरुआती असफलताओं से लेकर फिल्मी सफलता और निजी जीवन की कठिनाइयों तक, उनका सफर कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है।

आज भी उनकी पहचान हिंदी सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्रियों में होती है। पर्दे पर निभाए गए यादगार किरदारों और दशकों लंबे करियर ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया है।

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