भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रखने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक परमाणु हथियार संपन्न देश है और उसकी भौगोलिक स्थिति भी महत्वपूर्ण है, इसलिए उसके साथ राजनयिक संपर्क बनाए रखना जरूरी है। रूबियो ने भारत के ईरान के साथ संबंधों का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में मतभेदों के बावजूद विभिन्न देशों के साथ संवाद बनाए रखना पड़ता है।
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई पर दिया जोर
एक इंटरव्यू में रूबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ है। उन्होंने संकेत दिया कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत से भारत की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने में मदद मिल सकती है। उनके बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कूटनीतिक संवाद को महत्वपूर्ण मानता है।
ईरान के नेतृत्व पर साधा निशाना
अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान की सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वहां के कट्टरपंथी धार्मिक नेतृत्व के साथ समझौता करना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अपने संसाधनों का इस्तेमाल आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के बजाय मिसाइल और ड्रोन विकसित करने तथा आतंकवाद को समर्थन देने में कर रहा है।
रूबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखेगा। उनके मुताबिक, ईरान की नीतियों और सैन्य गतिविधियों को लेकर अमेरिका की चिंताएं बनी हुई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा पर चिंता
रूबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और अन्य ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति का जिक्र करते हुए समुद्री सुरक्षा को अहम बताया। उन्होंने ईरान पर व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे हमलों की निंदा करने की अपील की।
हालांकि, जहाजों की आवाजाही को लेकर उनके दावे और उपलब्ध आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है। खबर में उद्धृत एक रिपोर्ट के मुताबिक, 20 अक्टूबर को होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब 99 प्रतिशत कम थी। ऐसे में समुद्री यातायात की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए आंकड़ों और उनके स्रोतों की अलग से पुष्टि जरूरी है।
भारतीय नाविकों की मौत का भी किया जिक्र
रूबियो ने कहा कि समुद्री जहाजों पर हमलों के दौरान भारतीय नाविकों की जान भी गई है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में भारतीय नाविकों की बड़ी भागीदारी होने के कारण वे भी इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं। खबर में पश्चिम एशिया के संघर्ष के दौरान 11 भारतीय नाविकों की मौत और दो के लापता होने का उल्लेख किया गया है।
अमेरिका की रणनीति के तीन अहम संकेत
- पाकिस्तान के साथ संवाद: अमेरिका पाकिस्तान के साथ राजनयिक संपर्क बनाए रखने के पक्ष में है।
- समुद्री मार्गों की सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा अमेरिका की प्रमुख चिंताओं में शामिल है।
- ईरान पर आर्थिक दबाव: अमेरिका ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों तथा उसकी क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर दबाव जारी रखने की बात कह रहा है।
रूबियो के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। आने वाले समय में अमेरिका की कूटनीतिक रणनीति का असर भारत, पाकिस्तान और ईरान के साथ उसके संबंधों पर भी पड़ सकता है।
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