“दयालपुर हादसा: गगनचुंबी इमारत पल भर में मलबा बनी, चीख-पुकार से गूंजी गलियां”
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दयालपुर के शक्ति विहार में शनिवार सुबह एनडीआरएफ की टीम मशीनों व डॉग स्क्वायड के साथ बचाव कार्य में जुटी थी। सुबह करीब 11:30 बजे अचानक एक स्थान पर जाकर विक्टर और रैंबो ने भौंकना शुरू कर दिया। टीम के सदस्य फौरन समझ गए कि अंदर मलबे में कोई जिंदा है।
टीम ने तुरंत मलबा हटाना शुरू कर दिया। करीब 20-25 मिनट बाद टीम को एक महिला का हाथ दिखाई दिया। वह हाथ हिला रही थी। अंदर से धीरे-धीरे उसके कराहने की आवाज भी आ रही थी। इसके बाद तहसीन की पत्नी जीनत (58) को निकालकर अस्पताल भेजा गया। लोगों को जब पता चला कि दोनों कुत्तों ने महिला को मलबे से निकालने में मदद की है तो चर्चा का विषय बना रहा। कुछ लोगों ने इन कुत्तों की तस्वीरें भी लीं। दोनों कुत्तों ने मलबे से कई शवों को निकालने में मदद की।
स्थानीय लोग मदद को भागे। बाद में कंट्रोल रूम को कॉल की गई। लोगों ने एक-एक कर घायलों को मलबे से निकालना शुरू कर दिया। इस बीच सूचना मिलने के बाद पुलिस व दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। हादसे के समय इमारत में 22-25 लोग मौजूद थे। घटना को देखते हुए डीडीएमए (दिल्ली आबदा प्रबंधन), एनडीआरएफ, एमसीडी व बाकी बचाव दलों को मौके पर बुला लिया गया।
सुबह होते-होते मलबे से करीब 15 लोगों को निकाल लिया गया, जिनमें चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। बाकी दिन भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद धीरे-धीरे और लोगों को मलबे से निकालने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर तक मृतकों की संख्या 11 तक पहुंच गई। इसमें एक ही परिवार के आठ लोग शामिल हैं। इसके अलावा 11 लोगों का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है।
शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि करीब 15 साल पहले लापरवाही से इमारत का निर्माण किया गया था। पिछले कुछ दिनों से ग्राउंड फ्लोर पर बनी दो दुकानों में काम चल रहा था। दो दुकानों के पार्टिशन को हटाकर एक ही दुकान में तब्दील किया जा रहा था। इसके अलावा गली में मौजूद नाली का पानी भी इमारत की बुनियाद में रिस रहा था। आशंका व्यक्त की जा रही है इसकी वजह से इमारत गिरी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख जताते हुए हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। दोपहर को स्थानीय भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट व दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा घटना स्थल पहुंचे और राहत बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने आदेश दिया है कि एरिया में ऐसी और खतरनाक इमारतों को तुरंत खाली करवाया जाए।
जिला पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि रात करीब 2.50 बजे कंट्रोल रूम को डी-26, गली नंबर-1, शक्ति विहार, दयालपुर में चार मंजिला इमारत गिरने की सूचना मिली थी। बचाव दल मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि करीब 60 गज के प्लॉट पर ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपर तीन मंजिलें और बनी थीं।
इमारत में मकान मालिक हाजी तहसीन उर्फ यासीन के तीन बेटों के परिवार के अलावा तीसरी मंजिल पर दो किरायेदार के परिवार रहते थे। एक बेटे के परिवार को छोड़कर बाकी सभी अपनी-अपनी फ्लोर पर मौजूद थे। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानों में काम चल रहा था। इस वजह से वहां कुछ मजदूर सो भी रहे थे। अब तक मलबे से 22 लोगों को निकाला जा चुका है, जिसमें 11 की मौत हो चुकी है।
मृतकों में मकान मालिक तहसीन, उसके बेटे नाजिम, नाजिम की पत्नी शाहिना, बेटा अनस, अफ्फान, बेटी आफरीन, तहसीन के बेटे चांद की पत्नी चांदनी और तहसीन के ससुर इशहाक के अलावा किराएदार शाहिद के दो बेटे दानिश और नावेद व दूसरे किरायेदार नबी मोहम्मद की पत्नी रेशमा शामिल हैं। घायलों का जीटीबी अस्पताल में इलाज जारी है।
मौके पर एमसीडी की चार जेसीबी, एक क्रेन मलबा हटाने में जुटे हैं। डीडीएमए और एनडीआरएफ की टीमें अपने उपकरणों के साथ मलबे में जिंदगियों को खोजने में जुटे रहे। शनिवार दोपहर तक करीब 50 फीसदी मलबे हटा लिया गया था। मौके पर एक दर्जन से अधिक कैट्स की एंबुलेंस के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
एक ही परिवार
1. तहसीन (60) मकान मालिक
2. नाजिम (30) पुत्र-तहसीन
3. शाहिना (28) पत्नी-नाजिम
4. अनस (6) पुत्र-नाजिम
5. आफरीन (4) पुत्री नाजिम
6. अफ्फान (8 माह) पुत्र-नाजिम
7. चांदनी (23) पत्नी- चांद मोहम्मद
8. इशहाक (70) ससुर-तहसीनकिरायेदार
9. दानिश (23) पुत्र-शाहिद
10. नावेद (17) पुत्र-शाहिद
11. रेशमा (38) पत्नी नबी मोहम्मद
1. जीनत (58) पत्नी-तहसीन
2. चांद मोहम्मद (25) पुत्र-तहसीन
3. शान (4) पुत्र-चांद मोहम्मद
4. सानया (2) पुत्री-चांद मोहम्मद
5. शाहिद (45) किराएदार
6. रिहाना (38) पत्नी-शाहिद
7. नेहा (19) पुत्री शाहिद
8. नबी अहमद (45) किराएदार
9.अलफेज (20) पुत्र-नबी अहमद
10. आलिया (17) पुत्री नबी अहमद
11. तनू (15) पुत्र-नबी अहमद
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