Breaking News

पैंगोंग झील पर ड्रैगन की नज़र! बफर जोन में चीन का सर्विलांस टावर, फिर गरमाया फिंगर विवाद

लद्दाख में पैंगोंग त्सो झील के पास चीन एक बार फिर अपनी नापाक चालों के साथ सामने आया है. लेटेस्ट सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन बफर ज़ोन के बेहद करीब तेजी से सैन्य इमारतें, सड़कें और पक्के ढांचे बना रहा है.लेकिन अब सिर्फ सैटेलाइट इमेज नहीं बल्कि टीवी9 भारतवर्ष एक्सक्लुसिवली उसी इलाके तक पहुंचा है, जहां बफर ज़ोन के पास चीन की हिमाकत हमारे कैमरे में कैद हुई है.

लद्दाख में LAC के पास स्थित इस पहाड़ी इलाके को फिंगर्स एरिया कहा जाता है. बफर ज़ोन के पास चीन द्वारा बनाए जा रहे सैन्य ढांचों, सड़कों और सर्विलांस पोस्ट की तस्वीरें कैमरे में कैद की हैं. जो बीजिंग की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.

क्या है असली विवाद की जड़

पैंगोंग झील जहां दुनिया भर के सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र है, वहीं भारत और चीन के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजह भी है. कड़ाके की ठंड में झील का एक हिस्सा जम चुका है. ऐसी ही भारत और चीन के रिश्तों पर भी बर्फ जमी हुई है. पैंगोंग झील के किनारे बंजर पहाड़ियां हैं. इन पहाड़ियों के उभरे हुए हिस्सों को भारतीय सेना फिंगर्स कहती है.

ये पहाड़ियां उंगलियों की तरह दिखती हैं, इसीलिए उन्हें फिंगर कहा जाता है. इनकी कुल संख्या आठ है. भारत का दावा है कि LAC फिंगर-8 तक है, जबकि चीन कहता है कि LAC सिर्फ फिंगर-2 तक है. यही विवाद की जड़ है.

चीन ने बताया अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर

कुछ साल पहले चीन ने फिंगर-4 पर स्थायी निर्माण की कोशिश की थी, लेकिन भारत के कड़े विरोध के बाद उसे पीछे हटना पड़ा. हालात बिगड़े, दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आ गईं. इसके बाद भारत ने झील किनारे हेवी डिप्लॉयमेंट, रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और सर्विलांस बोट्स तैनात की. आज भी भारतीय सेना फिंगर-1 से फिंगर-4 तक नियमित पेट्रोलिंग करती है.

फिंगर-5 से फिंगर-8 तक कोई भी देश पेट्रोलिंग नहीं करता है. लेकिन, भारत इन इलाकों की कड़ी निगरानी करता है. वहीं चीन ने इस बफर जोन के पास अपना मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर बना लिया है.

क्यों हर बार चीन करता है चालबाजी

चीन कई बार इस इलाके में घुसपैठ की कोशिश कर चुका है, लेकिन हर बार भारतीय सेना ने उसे कड़ी चुनौती दी है. तो सवाल है चीन बार-बार ये चालबाजी क्यों करता है?

विवाद की वजह 1940 दशक के चीनी नेता माओ की फिंगर 5 की पॉलिसी है. चीन के नेता माओ की सोच “तिब्बत और उससे जुड़े इलाके चीन का हिस्सा है. जिनमें लद्दाख, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, भूटान और नेपाल शामिल है. इन्ही पांच क्षेत्रों को माओ ने अपने दाएं हाथ की पांच उंगलियां और तिब्बत को हथेली बताया है.

कैसे रखता है चीन नजर

सर्विलांस टावर पैंगोंग झील के इलाके पर चीन की नजर रखने का जरिया है. चोटी पर बैठकर चीन यहां से पूरे इलाके की जासूसी कर सकता है. चीन खूद तो अपने क्षेत्र की तरफ़ टावर, सड़को का निर्माण और पोस्ट बनाता रहता है. लेकिन, जब LAC के पास अपने क्षेत्र में कोई निर्माण कार्य भारत करता है तो चीन उसका विरोध करने लगता है और घुसपैठ की साजिश रचता है. चीन ने LAC के जिस हिस्से में अपना सर्विलांस टावर लगाया है. वहां से चोटी पर बैठकर वो पैंगोंग झील के इलाके की जासूसी कर सकता है. अपने खतरनाक मंसूबों को अंजाम दे सकता है.

दोनों देशों के बीच कई सालों से बनी है शांति

बीते कई सालों से भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर की बातचीत के चलते लंबे समय से शांति बनी हुई है. इस बीच चीन पैंगोंग त्सो बफर जोन के पास निर्माण बढ़ा रहा है. हालांकि यह गतिविधि चीनी कब्जे वाले इलाके में है, लेकिन यह 2020 के सीमा विवाद के बाद बीजिंग की जमीनी मौजूदगी को मजबूत करती है. लेकिन उसके जवाब में भारतीय सेना ने भी फिंगर्स के इलाके में अपनी मौजूदगी काफी बढ़ाई है. अपनी मिलिट्री पोस्ट को इन इलाकों में बड़ी संख्या में तैनात किया है. क्योंकि चीन ये भूल रहा है कि ये 1962 नहीं बल्कि 2025 का भारत है जो दुश्मन की हर चाल का करारा जवाब देने की ताक़त रखता है

About NW-Editor

Check Also

योगी सरकार का रिकॉर्ड बजट पेश, विकास योजनाओं पर बड़ा फोकस

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *