लखनऊ भातखंडे विश्वविद्यालय के लिए एक और गर्व का विषय आज उपासना भास्कर ने दिया है दरअसल यह कलाकार बनारस के अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम घाट संध्या व टी एफ सी ऑडिटोरियम में अपनी प्रस्तुति देने जा रही हैं। उपासना ने इससे पहले भी भारत के कई महानगरों व सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहरों में अपनी प्रस्तुतियां दी हैं जिसमे छत्तीसगढ के अलावा माहुरगढ महाराष्ट्र,कलकत्ता पश्चिम बंगाल,लखनऊ उत्तर प्रदेश, दिल्ली नासिक,लखीमपुर कई राज्यों के शहर शामिल हैं।
अपने बनारस प्रवास के दौरान उपासना लखनऊ में रुकी जहां उन्होंने हमारे प्रतिनिधि से बात करते हुए कहा कि वह भातखंडे विश्वविद्यालय की छात्रा रही है और यहां पंडित राममोहन महाराज व विदुषी रुचि खरे के मार्गदर्शन में उन्होंने फर्स्ट डिवीजन में एमपीए किया । इस दौरान उन्हें विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर सुश्री मांडवी से भी आशीर्वाद मिला है वैसे वह 8 साल की उम्र से ही कत्थक की होकर रह गई ।
इसके बाद उन्होंने विद्याहरि देशपांडे से कथक की शिक्षा ली और फिर पंडित राम मोहन महाराज से कथक की उच्च शिक्षा प्राप्त की वहीं ताल व लय की शिक्षा वे अभी भी पंडित मनुराज पचौरी से ले रही है। अपने संगतकारो के संबंध में बात करते तो उन्होंने जानकारी दी कि गायन में उनके साथ वीरेंद्र साहू चल रहे हैं।आप श्री कृष्ण संगीत महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य है।
आगे उन्होंने बताया कि उनके साथ तबले पर उनके ताल व लय गुरु पंडित मनुराज पचौरी संगत करेंगे उनकी तो देश भर में ख्याति है ,उन्होंने तबले की शिक्षा 8 वर्ष की उम्र में अपने दादा स्वर्गीय पंडित उमाशंकर पचौरी जी से लेनी आरंभ की और फिर पंडित विवेक देशमुख से आपने तबले की उच्च शिक्षा प्राप्त की। आप पंडित विवेक देशमुख के गंडाबंध शिष्य हैं।
आपको देश के बड़े-बड़े कत्थक कलाकारों के साथ तबला संगत का गौरव हासिल है, जिसमें पंडित मधुकर आनंद,विजया शर्मा,अनुराधा दुबे पियाली नंदी,पद्म श्री पंडित रामलाल जी आदि कई नाम शामिल है ,आज यह तीनों कलाकार बनारस घाट संध्या व टूरिज्म फेडरेशन के दो कार्यक्रमों में प्रस्तुतियाँ देने बनारस प्रस्थान कर रहे हैं।
इनकी इस उपलब्धि पर वीसी.भातखंडे विश्वविद्यालय सुश्री मांडवी सिंह, पंडित राममोहन महाराज, रूचि खरे,विकास मिश्रा,राकेश चौरसिया,जयशिका सिंह,वैभवलक्ष्मी आदि ने बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
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