पंजाब: मोहाली की एक यूनिवर्सिटी में महिला प्रोफेसर को कथित तौर पर एक छात्र द्वारा परेशान और धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि छात्र ने प्रोफेसर को प्रेम पत्र भेजने के साथ उनकी अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। इतना ही नहीं, छात्र ने कथित तौर पर उनके चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी भी दी।
घटना के बाद महिला प्रोफेसर ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। शिकायत में छात्र पर लगातार परेशान करने, आपत्तिजनक सामग्री वायरल करने और गंभीर धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस छात्र द्वारा भेजे गए संदेशों, वायरल की गई सामग्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी छात्र कथित तौर पर लंबे समय से प्रोफेसर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। जब प्रोफेसर ने उसकी बातों का जवाब नहीं दिया और दूरी बनाए रखी, तो उसने कथित तौर पर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से संदेश भेजने शुरू कर दिए। आरोप है कि छात्र ने प्रोफेसर पर दबाव बनाने के लिए आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल किया और उसे सार्वजनिक करने की धमकी दी।
महिला प्रोफेसर का आरोप है कि आरोपी ने उनकी अनुमति के बिना तस्वीरों और वीडियो के साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद इन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य ऑनलाइन माध्यमों पर साझा किया गया। प्रोफेसर ने पुलिस से मांग की है कि आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटवाया जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
घटना सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में भी चिंता का माहौल है। पुलिस मामले में आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है और साइबर माध्यमों से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सामग्री किन अकाउंट्स से अपलोड की गई और इसे कितने लोगों तक पहुंचाया गया।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। इसके लिए मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई और धाराओं के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
मामले में महिला सुरक्षा और साइबर अपराध से जुड़े पहलुओं को भी गंभीरता से देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी की निजी तस्वीर या वीडियो को बिना अनुमति साझा करना अपराध की श्रेणी में आ सकता है। धमकी, पीछा करने और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में पीड़ित को तुरंत पुलिस और साइबर क्राइम सेल से संपर्क करना चाहिए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से भी मामले की आंतरिक जांच किए जाने की संभावना है। परिसर में छात्राओं और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और आरोपी छात्र से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
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