न्यूज़ वाणी ब्यूरो | गाजीपुर
गाजीपुर। जमानियां नगर पालिका परिषद में कथित अनियमितताओं और नगर की विभिन्न समस्याओं को लेकर सभासदों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 13वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे सभासदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके प्रस्तावों की अनदेखी की जा रही है और जनहित से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हो रहा है।
प्रदर्शनकारी सभासदों ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पदवार सूची सार्वजनिक करने, नए गृहकर की कथित जबरन वसूली पर रोक लगाने और कर्मचारियों के निजी उपयोग से संबंधित आरोपों की जांच कराने की मांग उठाई। उनका कहना है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के लिए निकाली जा रही निविदाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि जनहित के कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर भी नाराजगी
धरने पर बैठे सभासदों ने नगर की सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उनके अनुसार, कई इलाकों में नियमित साफ-सफाई नहीं होने और प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतों के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। सभासदों ने नगर की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और संबंधित समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की।
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के कार्यों की जांच की मांग
सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से निर्धारित जिम्मेदारियों के बजाय कथित तौर पर निजी कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों की तैनाती, कार्य आवंटन और संबंधित अभिलेखों की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही, विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
प्रदर्शनकारी सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक करेंगे। उनका कहना है कि नगर की समस्याओं का समाधान और उठाए गए सवालों पर उचित कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।
धरने में राकेश प्रजापति, सुरेन्द्र चौधरी साहू, प्रमोद यादव, अंजनी गुप्ता, सचिन वर्मा, आमिर उर्फ गोलू, मोहन राम, अरशद, शमीम अंसारी, उमराव यादव, आशीम खां और शिवबचन यादव सहित अन्य सभासद मौजूद रहे।
नोट: नगर पालिका अध्यक्ष और संबंधित प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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